Lucknow में चाइनीज मांझे की बिक्री रोकने के लिए सरकार और व्यापारियों की बैठक, जल्द आएगा नया सख्त कानून

Lucknow: लखनऊ के व्यापार मंडल कार्यालय में शनिवार को प्रमुख सचिव (राज्य कर) कामिनी रतन चौहान और शहर के व्यापारियों के बीच एक खास संवाद कार्यक्रम हुआ। इस बैठक का मुख्य मकसद प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री को पूरी तरह रो

Lucknow: लखनऊ के व्यापार मंडल कार्यालय में शनिवार को प्रमुख सचिव (राज्य कर) कामिनी रतन चौहान और शहर के व्यापारियों के बीच एक खास संवाद कार्यक्रम हुआ। इस बैठक का मुख्य मकसद प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री को पूरी तरह रोकना और लोगों को इसके खतरों के प्रति जागरूक करना था। बैठक में सरकार और व्यापारियों ने मिलकर इस जानलेवा धागे को बाजार से खत्म करने पर चर्चा की।

प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान ने बताया कि पुलिस, गृह और पर्यावरण विभाग मिलकर चाइनीज मांझे की रोकथाम के लिए एक विशेष कानून और प्रभावी रणनीति तैयार कर रहे हैं। उन्होंने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि उच्च न्यायालय ने भी यह कहा है कि किसी भी व्यापारी का अनावश्यक उत्पीड़न नहीं किया जाना चाहिए।

लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने अपनी बात रखते हुए कहा कि स्थानीय दुकानदार इस खतरनाक मांझे को नहीं बेच रहे हैं, बल्कि इसकी अवैध सप्लाई कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हो रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर सरकार निर्माण स्तर पर ही इस पर कड़ा प्रतिबंध लगा दे, तो इसकी सप्लाई चेन अपने आप टूट जाएगी।

बैठक के दौरान व्यापारियों ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया और जानलेवा मांझे का व्यापार न करने की शपथ ली। इसके अलावा, व्यापारियों ने स्वेच्छा से शहर के ऊंचे फ्लाईओवरों पर सुरक्षा तार (प्रोटेक्टिव वायर) लगाने की जिम्मेदारी भी ली, ताकि वहां होने वाले हादसों को रोका जा सके।

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 फरवरी, 2026 को ही उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि इस मांझे की वजह से होने वाली किसी भी मौत को हत्या माना जाएगा। इसी कड़ी में 10 जुलाई, 2026 को अमेठी में भी व्यापारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई थी ताकि सिंथेटिक मांझे के भंडारण और उपयोग पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

इस बैठक में लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र, पवन मनोचा, अनुराग मिश्रा, राजेंद्र अग्रवाल और एडिशनल कमिश्नर सरबजीत सिंह सहित कई बड़े अधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे।