Lucknow: राजधानी लखनऊ के लोगों के लिए राहत की खबर है। 20 मई को देशभर में प्रस्तावित दवा बंदी के बावजूद लखनऊ की दवा दुकानें खुली रहेंगी। दवा विक्रेता समिति लखनऊ ने सोमवार को एक अहम बैठक की और फैसला लिया कि वे इस हड़ताल से
Lucknow: राजधानी लखनऊ के लोगों के लिए राहत की खबर है। 20 मई को देशभर में प्रस्तावित दवा बंदी के बावजूद लखनऊ की दवा दुकानें खुली रहेंगी। दवा विक्रेता समिति लखनऊ ने सोमवार को एक अहम बैठक की और फैसला लिया कि वे इस हड़ताल से अलग रहेंगे ताकि मरीजों को दवाई लेने में कोई दिक्कत न आए।
लखनऊ में दुकानें खुली क्यों रहेंगी?
दवा विक्रेता समिति लखनऊ ने CDFUP के निर्देशों का पालन करते हुए यह निर्णय लिया है। बैठक में महासचिव C.M. Dubey, कोषाध्यक्ष Suneet Kapoor, वरिष्ठ उपाध्यक्ष Ritesh Anand और प्रवक्ता Shailendra Gupta मौजूद थे। समिति का कहना है कि शहर की दवा दुकानें सामान्य रूप से काम करेंगी और मरीजों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होगी।
दवा विक्रेताओं के विरोध का मुख्य कारण क्या है?
देशभर में दवा विक्रेता ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना सही डॉक्टर की सलाह और फार्मासिस्ट की निगरानी के दवाएं बेच रहे हैं। वे सरकार से GSR 817(E) और GSR 220(E) जैसे पुराने नोटिफिकेशन वापस लेने की मांग कर रहे हैं, जो कोरोना काल के दौरान लाए गए थे।
किन संगठनों ने हड़ताल का समर्थन किया है?
All India Organisation of Chemists and Druggists (AIOCD) और लखनऊ केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने 20 मई की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन किया है। वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित तिवारी का कहना है कि ऑनलाइन बिक्री से युवाओं में नशीली दवाओं का दुरुपयोग बढ़ रहा है। हालांकि, अस्पताल के पास वाली दुकानों और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या 20 मई को लखनऊ में दवाइयां मिलेंगी?
हाँ, दवा विक्रेता समिति लखनऊ के फैसले के अनुसार राजधानी की दवा दुकानें 20 मई को खुली रहेंगी और मरीजों को दवाइयां मिलती रहेंगी।
दवा विक्रेता ऑनलाइन बिक्री का विरोध क्यों कर रहे हैं?
उनका आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना फार्मासिस्ट की निगरानी और बिना सही प्रिस्क्रिप्शन वेरिफिकेशन के दवाएं बेच रहे हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा को खतरा है।