Lucknow को तोहफ़ा, चारबाग में तैयार हुआ वंदे भारत का नया कोचिंग कॉम्प्लेक्स, अब ट्रेनों की मेंटेनेंस होगी आसान
UP/Lucknow: लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव को लेकर चल रही परेशानी अब जल्द खत्म होगी। स्टेशन परिसर में एक नया और आधुनिक कोचिंग कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार हो गया है। इसका फिनिशिंग का काम आखिरी दौर म
UP/Lucknow: लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव को लेकर चल रही परेशानी अब जल्द खत्म होगी। स्टेशन परिसर में एक नया और आधुनिक कोचिंग कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार हो गया है। इसका फिनिशिंग का काम आखिरी दौर में है और जल्द ही इसका उद्घाटन किया जाएगा।
उत्तरी रेलवे (Northern Railway) की निर्माण इकाई ने इस प्रोजेक्ट को पूरा किया है। सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने बताया कि इस कॉम्प्लेक्स के शुरू होने से ट्रेनों की सर्विसिंग में आसानी होगी और उनकी विश्वसनीयता बढ़ेगी। डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने भी इस नए कोचिंग कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया है। रेलवे बोर्ड ने पहले ही इस सुविधा को विकसित करने के निर्देश दिए थे ताकि हाई-स्पीड ट्रेनों का रखरखाव सही ढंग से हो सके।
इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 130 करोड़ रुपये आई है। इसकी खास बातें नीचे दी गई हैं:
| सुविधा | विवरण |
|---|---|
| मेंटेनेंस क्षमता | एक साथ कई वंदे भारत ट्रेनों का रखरखाव संभव |
| मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर | पिट लाइनें, इलेक्ट्रिक शेड और इंजन साइडिंग |
| पानी और कचरा प्रबंधन | आधुनिक जल आपूर्ति और वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम |
| लाइनें | एक रखरखाव लाइन और दो स्टेब्लिंग लाइनें |
| फायदा | लोकल लेवल पर सर्विसिंग से टर्नअराउंड समय में कमी |
इस हब का मुख्य मकसद क्षेत्र में हाई-स्पीड ट्रेनों की समयबद्धता और गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। वहीं, भविष्य की जरूरतों को देखते हुए रेलवे ने एक और बड़ी योजना बनाई है। लखनऊ के मल्हौर में करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से दूसरा अत्याधुनिक कोचिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी है, क्योंकि आने वाले समय में सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और चारबाग की सुविधा अकेले काफी नहीं होगी।