UP: लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर RPF और अन्य विभागों ने मिलकर तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। दीमापुर से लखनऊ भेजे गए पार्सलों में इलेक्ट्रिक सामान के नाम पर अवैध विदेशी सिगरेटें भेजी गई थीं। जब काफी समय
UP: लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर RPF और अन्य विभागों ने मिलकर तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। दीमापुर से लखनऊ भेजे गए पार्सलों में इलेक्ट्रिक सामान के नाम पर अवैध विदेशी सिगरेटें भेजी गई थीं। जब काफी समय तक कोई इन पार्सलों को लेने नहीं आया, तो अधिकारियों को शक हुआ और जांच शुरू की गई।
कैसे पकड़ा गया तस्करी का यह खेल?
RPF लखनऊ को 18 और 19 अप्रैल 2026 को खबर मिली थी कि ट्रेन संख्या 15909 (अवध असम एक्सप्रेस) से आने वाले पार्सलों में कुछ संदिग्ध सामान है। इसके बाद RPF, क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच, कस्टम विभाग और राज्य कर विभाग की एक संयुक्त टीम बनाई गई। इस टीम ने 15 मई 2026 को पार्सलों की बारीकी से जांच की, जिसमें भारी मात्रा में विदेशी सिगरेट मिली।
बरामद सामान और उसकी कीमत का विवरण
जांच के दौरान अधिकारियों को कुल 4,40,600 विदेशी सिगरेट मिलीं। इन सिगरेटों की कुल कीमत 44.06 लाख रुपए बताई गई है।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल सिगरेट की संख्या |
4,40,600 |
| कुल अनुमानित कीमत |
₹44.06 लाख |
| सिगरेट के ब्रांड |
ESSE LIGHT और Win |
| ट्रेन नंबर |
15909 (अवध असम एक्सप्रेस) |
| कहाँ से भेजा गया |
दीमापुर से लखनऊ |
आगे की कानूनी कार्रवाई क्या है?
कस्टम विभाग ने इस पूरे माल को अपने कब्जे में ले लिया है। सिगरेट को गलत तरीके से ‘इलेक्ट्रिक सामान’ घोषित कर तस्करी के जरिए भारत लाया गया था। विभाग अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहा है ताकि तस्करी में शामिल लोगों का पता लगाया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कितने मूल्य की सिगरेट जब्त की गई है?
लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर RPF और कस्टम विभाग ने कुल 44.06 लाख रुपए मूल्य की 4,40,600 अवैध विदेशी सिगरेटें जब्त की हैं।
तस्करी के लिए किस तरीके का इस्तेमाल किया गया था?
तस्करों ने सिगरेट को ‘इलेक्ट्रिक सामान’ बताकर पार्सल के जरिए ट्रेन संख्या 15909 (अवध असम एक्सप्रेस) से दीमापुर से लखनऊ भेजा था।