Lucknow में कार गहरे नाले में गिरी, पुलिस ने बुजुर्ग, 2 साल का बच्चा और केयरटेकर को सुरक्षित बचाया

Lucknow: राजधानी के आशियाना इलाके में एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। यहाँ एक कार अनियंत्रित होकर गहरे नाले में जा गिरी थी। पुलिस और बचाव दल ने मौके पर पहुँचकर कार में फंसे तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना

Lucknow: राजधानी के आशियाना इलाके में एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। यहाँ एक कार अनियंत्रित होकर गहरे नाले में जा गिरी थी। पुलिस और बचाव दल ने मौके पर पहुँचकर कार में फंसे तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना ने नोएडा के युवराज मेहता केस की याद दिला दी, जहाँ सुरक्षा की कमी और देरी की वजह से एक जान चली गई थी।

यह हादसा गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। सेक्टर-एम स्थित विश्वकर्मा मंदिर के पास एक खुला और गहरा नाला था, जिसमें कार जा गिरी। कार में 71 साल के दीपक कुमार, उनका दो साल का पोता अनहद और केयरटेकर रेखा सवार थे। हादसे की खबर मिलते ही आशियाना पुलिस के उपनिरीक्षक परविंदर सिंह और लक्ष्मण अग्रवाल अपनी टीम के साथ पहुँचे। पुलिस ने नगर निगम और अग्निशमन विभाग की मदद से संयुक्त अभियान चलाया और तीनों को सही-सलामत बचा लिया।

स्थानीय लोगों ने इस घटना के बाद नगर निगम की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि नाले की बाउंड्री वॉल टूटी हुई थी और वहाँ कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। पुलिस ने अब इस मामले की जाँच शुरू कर दी है।

इस घटना की तुलना जनवरी 2026 में नोएडा के सेक्टर-150 में हुए युवराज मेहता मामले से की जा रही है। उस समय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार कोहरे के कारण एक निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में गिर गई थी। युवराज करीब दो घंटे तक मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन बचाव कार्य में देरी और सिस्टम की विफलता के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी थी। लखनऊ की घटना में पुलिस की तत्परता ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।