Lucknow में बुलडोजर कार्रवाई के बाद CM आवास योजना के फ्लैटों पर नोटिस का विवाद, सिंचाई विभाग ने दी सफाई

Lucknow: राजधानी लखनऊ के 1090 चौराहे के पास सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन ने बुलडोजर चलाया। इस कार्रवाई के दौरान कई मकानों पर लाल क्रॉस के निशान लगाए गए और उन्हें सात दिन में खाली करने का नोटिस

Lucknow: राजधानी लखनऊ के 1090 चौराहे के पास सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन ने बुलडोजर चलाया। इस कार्रवाई के दौरान कई मकानों पर लाल क्रॉस के निशान लगाए गए और उन्हें सात दिन में खाली करने का नोटिस दिया गया। लेकिन इस बीच मुख्यमंत्री आवास योजना के फ्लैटों पर भी नोटिस चस्पा होने की खबर से लाभार्थियों में हड़कंप मच गया।

दरअसल, यह जमीन पहले माफिया मुख्तार अंसारी के कब्जे में थी, जिसे सरकार ने मुक्त कराया था। इस 2314 वर्गमीटर जमीन पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने ‘सरदार पटेल आवासीय योजना’ के तहत 72 फ्लैट बनाए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4 नवंबर 2025 को इन फ्लैटों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपी थीं। जब इन सरकारी फ्लैटों पर भी सिंचाई विभाग का नोटिस लगा, तो वहां रहने वाले गरीब परिवारों में डर फैल गया और उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया।

विरोध बढ़ते देख सिंचाई विभाग पीछे हट गया और विवादित नोटिस हटा लिए गए। विभाग ने अब स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री आवास योजना के फ्लैटों को हटाने की खबर भ्रामक है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले को आपसी तालमेल से सुलझाया जा रहा है।

इस पूरे मामले पर स्थानीय लोगों और आवंटियों में काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि जब सालों तक इस जमीन पर मुख्तार अंसारी का बंगला बना रहा, तब सिंचाई विभाग ने कभी अपना दावा क्यों नहीं जताया। प्रभावित परिवारों ने बिना पर्याप्त सूचना के की गई इस कार्रवाई पर चिंता जताई है और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।