UP: लखनऊ के हजरतगंज में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अस्थि कलश को स्थानांतरित करने की खबरों के बाद माहौल गरमा गया है। 8 जून 2026 को बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया और अन्य संगठनों ने इसके विरोध में पैदल मार्च निकाला। प्र
UP: लखनऊ के हजरतगंज में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अस्थि कलश को स्थानांतरित करने की खबरों के बाद माहौल गरमा गया है। 8 जून 2026 को बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया और अन्य संगठनों ने इसके विरोध में पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अस्थि कलश को वर्तमान स्थान से हटाना उन्हें स्वीकार नहीं है।
विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहा है और क्या हैं आरोप
विरोध का मुख्य कारण 10, विधानसभा मार्ग स्थित पवित्र अस्थि कलश और बुद्ध विहार को दूसरी जगह शिफ्ट करने का कथित प्रयास है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि एमएलसी डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने इसे ऐशबाग में बन रहे नए स्मारक में ले जाने की बात कही है। बाबा साहेब के पौत्र भीमराव यशवंत राव अंबेडकर ने इस मुद्दे पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं, भंते समाज ने लालजी निर्मल से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
इस स्थल का ऐतिहासिक महत्व क्या है
10, विधानसभा मार्ग का यह स्थल अंबेडकर अनुयायियों के लिए बहुत खास है। यहाँ बाबा साहेब की पत्नी डॉ. सविता अंबेडकर ने अस्थि कलश स्थापित किया था। इस जगह का महत्व और बढ़ता है क्योंकि यहाँ पूर्व राष्ट्रपति के.आर. नारायणन ने बोधि वृक्ष लगाया था और पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने धम्म चक्र की स्थापना की थी। साथ ही, पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने यहाँ बाबा साहेब की 12 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा लगवाई थी।
प्रदर्शनकारियों की मांगें और सरकार का नया प्रोजेक्ट
प्रदर्शनकारियों और सांसद चंद्रशेखर आजाद की मांग है कि अस्थि कलश को यथास्थिति में रखा जाए और इस स्थल को विश्व धरोहर का दर्जा दिया जाए। दूसरी ओर, यूपी सरकार ऐशबाग में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र बना रही है, जो जुलाई 2026 तक पूरा हो सकता है। हालांकि, सरकार की तरफ से अभी तक अस्थि कलश को शिफ्ट करने पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अस्थि कलश को कहाँ शिफ्ट करने की बात कही जा रही है?
आरोप है कि अस्थि कलश को 10, विधानसभा मार्ग से हटाकर ऐशबाग में बन रहे नए डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र में ले जाने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
मांग है कि अस्थि कलश को वर्तमान स्थल पर ही रहने दिया जाए, इस जगह को विश्व धरोहर घोषित किया जाए और एमएलसी लालजी प्रसाद निर्मल सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।