Lucknow में बीपी की दवाएं हो रही हैं बेअसर, डॉक्टरों ने जीवनशैली बदलने की सलाह दी
Lucknow: राजधानी लखनऊ के लोगों के लिए सेहत से जुड़ी एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में हुए एक अध्ययन में पता चला है कि कई मरीजों पर बीपी की दवाएं असर नहीं कर रही हैं। डॉक्टरों का क
Lucknow: राजधानी लखनऊ के लोगों के लिए सेहत से जुड़ी एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में हुए एक अध्ययन में पता चला है कि कई मरीजों पर बीपी की दवाएं असर नहीं कर रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ दवाइयों के भरोसे रहना काफी नहीं है, बल्कि अपनी दिनचर्या और खान-पान में बदलाव करना अब बहुत जरूरी हो गया है।
संस्थान के कार्डियोलॉजी और फार्माकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर भुवन चंद्र तिवारी और उनकी टीम ने 18 महीने तक 94 मरीजों पर रिसर्च की। इस अध्ययन में देखा गया कि चार दवाओं के कॉम्बिनेशन के बावजूद 12 हफ्ते बाद केवल 42.6% मरीजों का ब्लड प्रेशर कंट्रोल हो पाया। प्रोफेसर तिवारी ने बताया कि जब तीन अलग-अलग तरह की दवाओं के बाद भी बीपी कम नहीं होता, तो इसे ‘रेसिस्टेंट हाइपरटेंशन’ कहते हैं। ऐसे मरीजों में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेल होने का खतरा आम लोगों से ज्यादा होता है।
लखनऊ की स्थिति और भी चिंताजनक है क्योंकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 के मुताबिक, यहाँ 30 साल से ज्यादा उम्र के हर तीसरे व्यक्ति को बीपी की समस्या है। शहर के शहरी इलाकों में करीब 29% लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं, जो कि राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा है।
बीपी बढ़ने के पीछे गलत खान-पान, व्यायाम की कमी, बढ़ता वजन, तनाव, शराब और तंबाकू का सेवन मुख्य कारण बताए गए हैं। इसके अलावा शुगर, किडनी की बीमारी और स्लीप एपनिया भी बीपी बढ़ाते हैं। डॉक्टरों ने बचाव के लिए कुछ आसान तरीके बताए हैं:
- नमक का सेवन कम करें
- रोजाना व्यायाम, योग या साइकिलिंग करें
- संतुलित आहार लें और तनाव से दूर रहें
- धूम्रपान और शराब से पूरी तरह परहेज करें
- वजन को कंट्रोल में रखें और नियमित चेकअप कराएं