Lucknow में बच्चों ने बिखेरा अभिनय का जादू, BNA में ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ नाटक का शानदार मंचन
Lucknow: राजधानी के गोमतीनगर स्थित राज बिसारिया प्रेक्षागृह में बच्चों की कला और अभिनय की एक खास शाम सजी। भारतेन्दु नाट्य अकादमी (BNA) की रंग पाठशाला द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन बाल रंगमंच कार्यशाला के तहत ‘कर्मण्ये
Lucknow: राजधानी के गोमतीनगर स्थित राज बिसारिया प्रेक्षागृह में बच्चों की कला और अभिनय की एक खास शाम सजी। भारतेन्दु नाट्य अकादमी (BNA) की रंग पाठशाला द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन बाल रंगमंच कार्यशाला के तहत ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते-मुरली से मातृभूमि तक’ नाटक का मंचन किया गया। इस कार्यक्रम में छोटे बच्चों ने अपनी शानदार एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीत लिया।
इस तीन दिवसीय रंगमंच कार्यशाला के दौरान 5 जुलाई को शाम 6:30 बजे से नाटक की प्रस्तुति शुरू हुई। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उनके साथ अकादमी के अध्यक्ष डॉ. रति शंकर त्रिपाठी और निदेशक बिपिन कुमार सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। इस पूरे नाटक का लेखन और निर्देशन अंतरराष्ट्रीय रंगमंच शिक्षक और निर्देशक वॉल्टर पीटर ने किया, जो वर्तमान में अकादमी में बच्चों को अभिनय की बारीकियां सिखा रहे हैं।
नाटक की कहानी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी बाल लीलाओं से शुरू हुई। बच्चों ने माखन चोरी, गोपियों के साथ बातचीत और अत्याचारी कंस के वध जैसे प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया। कहानी यहीं नहीं रुकी, बल्कि यह कुरुक्षेत्र के मैदान तक पहुंची जहां श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया। नाटक का अंत स्वामी विवेकानंद के प्रसंग के साथ हुआ, जिसमें दिखाया गया कि कैसे गीता के ज्ञान को राष्ट्रभक्ति के संकल्प और वंदे मातरम के सुरों में बदला गया।
इस प्रस्तुति में 50 से ज्यादा बाल कलाकारों ने हिस्सा लिया। इनमें स्वरांश पाण्डेय ने नारद, समर प्रताप शाही ने कंस, नीतिज्ञ मेहरोत्रा ने अर्जुन और अभिषेक कन्नौजिया ने भीष्म पितामह का किरदार निभाया। इनके अलावा अर्णव द्विवेदी, ऋषि त्रिवेदी, रमा साहनी, अनामिका साहू, सान्वी सिन्हा, अनामिका गौतम, आनिया वर्मा और साएशा यादव जैसे कई प्रतिभाशाली बच्चों ने पौराणिक और ऐतिहासिक पात्रों को बखूबी निभाया। यह आयोजन उत्तर प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के सहयोग से पूरा हुआ।