Lucknow के बीकेटी में महिलाएं बना रहीं तिरंगा, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से मिला रोजगार
Lucknow: लखनऊ के बख्शी का तालाब (BKT) और चिनहट जैसे इलाकों में ग्रामीण महिलाएं राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा बनाने के काम में जुटी हैं। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी स्वय
Lucknow: लखनऊ के बख्शी का तालाब (BKT) और चिनहट जैसे इलाकों में ग्रामीण महिलाएं राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा बनाने के काम में जुटी हैं। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं बड़े पैमाने पर झंडे तैयार कर रही हैं। इस काम से महिलाओं को घर बैठे रोजगार मिल रहा है जिससे उनकी आमदनी बढ़ी है और परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे उत्तर प्रदेश में 5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य रखा है। इस काम के लिए भारतीय ध्वज संहिता 2002 और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 के नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को कहा है कि झंडों का निर्माण और सप्लाई तय समय और मानकों के हिसाब से होनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने चिनहट विकासखंड के जुग्गौर और सिकंदरपुर ग्राम पंचायतों में तिरंगा बनाने वाली इकाइयों का दौरा किया। उन्होंने महिलाओं के काम की तारीफ की और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए प्रोत्साहित किया। राज्य भर में करीब 50,000 स्वयं सहायता समूह इस मुहिम से जुड़े हैं, जिनमें से 6,000 से ज्यादा समूहों की लगभग 30,000 महिलाएं तिरंगा बनाने में लगी हैं।
काम की रफ्तार को देखें तो उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ झंडे बनाने का लक्ष्य था, जिसमें से 10 अगस्त तक 1.90 करोड़ झंडे तैयार हो चुके थे। लखनऊ के चिनहट ब्लॉक में तुलसी माँ, छोटे साहब और बजरंगबली समूहों को 1.50 लाख झंडे बनाने का काम दिया गया था, जिनमें से 1.30 लाख झंडे अब तक बन चुके हैं। इस अभियान से महिलाओं को सीधी आर्थिक मदद मिल रही है, जैसे प्रयागराज में एक झंडे पर 20 रुपये का भुगतान किया जा रहा है।