Lucknow के BKT बरगदी में मोहर्रम की तैयारियां तेज, योगी सरकार ने दिए सख्त निर्देश, ताजिया की ऊंचाई तय
Lucknow/BKT : लखनऊ के बीकेटी बरगदी इलाके में शिया समुदाय द्वारा मोहर्रम के आयोजनों की शुरुआत हो गई है। इमाम हुसैन की शहादत की याद में लोग ताजिया और आलम के साथ मातम मना रहे हैं। 17 जून को चांद दिखने के बाद से ही कार्यक्रम
Lucknow/BKT : लखनऊ के बीकेटी बरगदी इलाके में शिया समुदाय द्वारा मोहर्रम के आयोजनों की शुरुआत हो गई है। इमाम हुसैन की शहादत की याद में लोग ताजिया और आलम के साथ मातम मना रहे हैं। 17 जून को चांद दिखने के बाद से ही कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें शाही जरी जुलूस भी निकाला गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार मोहर्रम को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने साफ किया है कि मोहर्रम मातम का अवसर है, इसे शक्ति प्रदर्शन का जरिया न बनाया जाए। प्रशासन ने डीजे, ढोल-ताशों के बेकाबू इस्तेमाल और अस्त्र-शस्त्र दिखाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। साथ ही, नई परंपराएं शुरू करने पर भी पाबंदी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
प्रशासन ने ताजियों की ऊंचाई को लेकर भी नियम तय किए हैं। अब ताजिया 10 से 12 फीट से ज्यादा ऊंचा नहीं होना चाहिए। सुरक्षा के लिए लखनऊ पुलिस ने पूरे इलाके को जोन में बांटा है और ड्रोन कैमरों व सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है। संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
ट्रैफिक पुलिस ने भी रूट डायवर्जन लागू किया है। बड़ा इमामबाड़ा, रूमी गेट, घंटाघर और छोटा इमामबाड़ा के बीच सामान्य गाड़ियों का आना-जाना बंद रहेगा, हालांकि एम्बुलेंस जैसी इमरजेंसी गाड़ियों को रास्ता दिया जाएगा। अफवाहों को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है।
वहीं, शिया समुदाय की अफहाम-ए-ज़मा सोसाइटी ने हुसैनाबाद ट्रस्ट से रौजा-ए-काज़मैन की जर्जर हालत को देखते हुए उसकी मरम्मत की मांग की है ताकि श्रद्धालुओं को कोई खतरा न हो। पुलिस प्रशासन लगातार मौलानाओं और धार्मिक गुरुओं के साथ पीस कमेटी की बैठकें कर रहा है ताकि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों। 26 जून को यौमे आशूरा का मुख्य जुलूस निकाला जाएगा।