Lucknow में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की तैयारी, 14 अगस्त को निकलेगा मौन मार्च और होगी संगोष्ठी
Lucknow: राजधानी लखनऊ में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस दिन को विभाजन के दौरान हुए संघर्षों और बलिदानों की याद में मनाया जाएगा।
Lucknow: राजधानी लखनऊ में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस दिन को विभाजन के दौरान हुए संघर्षों और बलिदानों की याद में मनाया जाएगा। इसके लिए भाजपा पदाधिकारियों की विशेष बैठकें आयोजित की गई हैं ताकि कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।
12 अगस्त को हजरतगंज स्थित हलवासिया कोर्ट में भाजपा पदाधिकारियों की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में 14 अगस्त को सरदार पटेल की प्रतिमा से एक मौन मार्च निकालने और एक संगोष्ठी आयोजित करने की पूरी योजना बनाई गई। पदाधिकारियों ने चर्चा की कि कैसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस आयोजन से जोड़ा जाए और व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। इससे पहले 6 अगस्त को महानगर कार्यालय में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को लेकर भी कार्यशाला हुई थी, जिसमें प्रदर्शनी और जनजागरण कार्यक्रमों की बात कही गई थी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने 4 अगस्त को पूरे प्रदेश में इस दिवस को व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाने के निर्देश दिए थे। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में राज्यस्तरीय कार्यक्रम होगा, जबकि प्रदेश के सभी 75 जिलों में प्रभारी मंत्रियों के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के दौरान भारत सरकार द्वारा तैयार विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी और विभाजन के समय विस्थापित हुए परिवारों को अपने अनुभव साझा करने के लिए बुलाया जाएगा।
राज्यस्तरीय कार्यक्रम में दो मिनट का मौन रखा जाएगा और ‘मतुआ समुदाय’ के इतिहास पर आधारित एक फिल्म दिखाई जाएगी। साथ ही एक कैंडल मार्च भी निकाला जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया है। इस आयोजन में उपमुख्यमंत्रियों ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता भी शामिल रहेंगी।