Lucknow: भाजपा नेता हत्याकांड का मुख्य आरोपी अनुज सिंह चंदौली से गिरफ्तार, 25 हजार का था इनाम

UP: लखनऊ के विभूतिखंड में हुए भाजपा नेता शिवम सिंह हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले के मुख्य आरोपी अनुज सिंह को चंदौली के मुगलसराय इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित

UP: लखनऊ के विभूतिखंड में हुए भाजपा नेता शिवम सिंह हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले के मुख्य आरोपी अनुज सिंह को चंदौली के मुगलसराय इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह काफी समय से फरार चल रहा था।

कैसे पकड़ा गया मुख्य आरोपी अनुज सिंह

पुलिस ने इस गिरफ्तारी के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। आरोपी की पहचान और उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का पता लगाने के लिए यूपी पुलिस के AI-आधारित यक्ष ऐप (Yaksh app) का इस्तेमाल किया गया। गिरफ्तारी के दौरान अनुज सिंह के पास से एक .315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस मिले हैं, जिसके बाद मुगलसराय थाने में आर्म्स एक्ट का अलग मामला दर्ज किया गया है।

क्या था पूरा मामला और अब तक की कार्रवाई

यह घटना 26 मई 2026 की है, जब लखनऊ के जलवा क्लब के बाहर सिगरेट मांगने को लेकर विवाद हुआ था। इस झगड़े में हमलावरों ने भाजयुमो नेता शिवम सिंह पर ईंट-पत्थरों से हमला किया, जिससे उनकी 27 मई को मौत हो गई। इस मामले में पुलिस पहले ही शांतनु उर्फ अंकित रावत, हनी तिवारी और विवेक सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। इस हाईप्रोफाइल केस में लापरवाही बरतने पर एसीपी विनय द्विवेदी और इंस्पेक्टर अमर सिंह को उनके पदों से हटा दिया गया था।

आगे की पुलिस कार्रवाई क्या होगी

विभूतिखंड थानाप्रभारी उपेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी अनुज सिंह मूल रूप से आजमगढ़ का रहने वाला है और उस पर पहले से भी मारपीट और धमकी के कई केस दर्ज हैं। अब पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाएगी, जहां उससे इस हत्याकांड और अन्य साजिशों के बारे में पूछताछ की जाएगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

भाजपा नेता शिवम सिंह की मौत कैसे हुई थी?

लखनऊ के विभूतिखंड स्थित जलवा क्लब के बाहर 26 मई 2026 को सिगरेट मांगने के विवाद में हमलावरों ने शिवम सिंह पर पत्थरों से हमला किया था, जिससे इलाज के दौरान 27 मई को उनकी मृत्यु हो गई।

आरोपी अनुज सिंह की पहचान के लिए किस तकनीक का इस्तेमाल हुआ?

पुलिस ने आरोपी की पहचान और आपराधिक इतिहास के सत्यापन के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के AI-संचालित ‘यक्ष ऐप’ (Yaksh app) का उपयोग किया, जो फेशियल रिकॉग्निशन पर आधारित है।