Lucknow में बिरजू महाराज कथक कार्यशाला का समापन, श्रीराम के जीवन पर आधारित नृत्य-नाटिका ने मोहा मन

Lucknow: पंडित बिरजू महाराज कथक संस्थान द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन कथक नृत्य कार्यशाला का समापन समारोह 8 जून को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 5 साल के बच्चों से लेकर 75 साल तक के कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया

Lucknow: पंडित बिरजू महाराज कथक संस्थान द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन कथक नृत्य कार्यशाला का समापन समारोह 8 जून को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 5 साल के बच्चों से लेकर 75 साल तक के कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। शास्त्रीय नृत्य की गरिमा और युवा कलाकारों के जोश ने पूरे सभागार को तालियों से भर दिया।

यह कार्यशाला 14 मई से 14 जून 2026 तक चली थी, जिसमें कुल 78 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान हनुमान को समर्पित हनुमान अष्टकम् की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद वरिष्ठ विद्यार्थियों ने धमार ताल में पारंपरिक कथक दिखाया और नवांकुर कलाकारों ने तीनताल की प्रस्तुति दी। छोटे बच्चों ने राधा-कृष्ण के भाव पर आधारित दादरा ‘रोको ना डगर मेरो श्याम’ पेश किया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित एक भव्य नृत्य-नाटिका रही। इसमें सीता-राम के प्रेम, शूर्पणखा प्रसंग, मारीच वध, सीता हरण और अंत में श्रीराम की अयोध्या वापसी का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस पूरी कार्यशाला का प्रशिक्षण और नृत्य निर्देशन डॉ. उपासना दीक्षित ने किया। समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आकाशवाणी लखनऊ की कार्यक्रम प्रमुख सुमोना पाण्डेय मौजूद रहीं। साथ ही संस्थान की अध्यक्ष डॉ. कुमकुम धर और उपाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी ने भी शिरकत की।

इस मौके पर संस्थान की कार्यकारी और सामान्य परिषद की बैठक भी हुई। इसमें संगीत शिक्षा में सुधार करने और कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू (MoU) साइन करने पर चर्चा हुई, ताकि छात्रों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकें। साथ ही भविष्य में और भी उच्च स्तरीय कार्यक्रमों और कार्यशालाओं को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया।