UP: लखनऊ के राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में बिरजू महाराज कथक संस्थान की ओर से एक खास शाम का आयोजन किया गया। कथक संध्या श्रृंखला के तहत आयोजित इस युगल नृत्यांजलि कार्यक्रम में युवा कलाकारों ने अपनी जोड़ीदार प्रस्तुतियों से
UP: लखनऊ के राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में बिरजू महाराज कथक संस्थान की ओर से एक खास शाम का आयोजन किया गया। कथक संध्या श्रृंखला के तहत आयोजित इस युगल नृत्यांजलि कार्यक्रम में युवा कलाकारों ने अपनी जोड़ीदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह कार्यक्रम शास्त्रीय नृत्य की परंपरा को आगे बढ़ाने की एक कोशिश थी।
कार्यक्रम की खास बातें क्या रहीं
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण युवा कलाकारों की जुगलबंदी रही। बिरजू महाराज कथक संस्थान ने इसे अपनी कथक संध्या श्रृंखला के हिस्से के रूप में पेश किया। लखनऊ के राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में जुटे दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की काफी सराहना की। संस्थान का मुख्य उद्देश्य पंडित बिरजू महाराज की विरासत और कालका-बिंदादीन घराने की कला को जीवित रखना है।
संस्थान द्वारा किए गए अन्य प्रयास
बिरजू महाराज कथक संस्थान समय-समय पर कथक से जुड़ी कई गतिविधियां करता रहता है। संस्थान द्वारा व्याख्यान-सह-प्रदर्शन और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। उदाहरण के लिए, 4 फरवरी 2026 को पंडित बिरजू महाराज की 88वीं जयंती पर दो दिवसीय समारोह हुआ था। इसके अलावा, 14 मई 2025 को संस्थान ने 30 दिनों की एक विशेष कथक कार्यशाला भी शुरू की थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कथक युगल नृत्यांजलि कार्यक्रम कहाँ आयोजित हुआ था
यह कार्यक्रम लखनऊ के राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया था, जिसे बिरजू महाराज कथक संस्थान द्वारा संचालित किया गया।
बिरजू महाराज कथक संस्थान किस घराने की परंपरा को बढ़ावा देता है
यह संस्थान लखनऊ के प्रसिद्ध कालका-बिंदादीन घराने के प्रमुख प्रतिपादक पंडित बिरजू महाराज की विरासत और उनकी कला को बढ़ावा देने का कार्य करता है।