Lucknow में बड़े मंगल पर ‘वृक्ष भंडारा’, प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को बांटे गए पौधे
Lucknow: लखनऊ की मशहूर बड़े मंगल परंपरा में इस बार पर्यावरण का खास संदेश देखने को मिला। 23 जून 2026 को साल के आठवें और आखिरी बड़े मंगल के मौके पर शहर में ‘वृक्ष भंडारा’ लगाया गया। यहाँ श्रद्धालुओं को खाने-पीन
Lucknow: लखनऊ की मशहूर बड़े मंगल परंपरा में इस बार पर्यावरण का खास संदेश देखने को मिला। 23 जून 2026 को साल के आठवें और आखिरी बड़े मंगल के मौके पर शहर में ‘वृक्ष भंडारा’ लगाया गया। यहाँ श्रद्धालुओं को खाने-पीने के पारंपरिक प्रसाद के साथ-साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधे भी दिए गए।
इस अनोखी पहल के तहत लोगों को नीम, बेलपत्र, हरसिंगार, शहतूत, बरगद और अशोक जैसे पौधे बांटे गए। श्रद्धालुओं ने इस बदलाव की काफी तारीफ की और इन पौधों को लगाने के साथ-साथ उनकी पूरी देखभाल करने का वादा भी किया। लखनऊ में अब ‘ग्रीन बड़ा मंगल’ का चलन बढ़ रहा है, जिसमें धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति की सुरक्षा को जोड़ा जा रहा है।
शहर में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कई सामाजिक संगठन और पर्यावरण प्रेमी बिना किसी प्रचार के काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में लोक भारती जैसे संगठनों ने ‘हरित बड़ा मंगल अभियान’ शुरू किया है, ताकि भंडारों में प्लास्टिक और थर्माकोल का इस्तेमाल कम हो और बायोडिग्रेडेबल चीजों को बढ़ावा मिले। इससे पहले चौथे बड़े मंगल पर शिप्रा पाठक और पंचतत्व संगठन ने करीब 11,500 तुलसी के पौधे और 15,000 पत्तों वाली प्लेटें बांटी थीं। इसके अलावा हजरतगंज मल्टीलेवल पार्किंग में ‘क्लाइमेट पर चर्चा’ द्वारा विशाल इको भंडारा आयोजित कर सीड बॉल्स और पौधे वितरित किए गए थे।
सरकारी स्तर पर भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर काफी जोर दिया जा रहा है। 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ही दिन में 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था। वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना के मुताबिक इस अभियान में वन विभाग समेत 27 विभाग शामिल हुए। वहीं आरएसएस के पर्यावरण विभाग के राष्ट्रीय संयोजक गोपाल आर्य ने कहा कि हरित बड़ा मंगल अभियान का मकसद परंपराओं को स्वच्छता और हरियाली से जोड़ना है।