Lucknow में बीसी सखियों का प्रदर्शन, चारबाग स्टेशन पर की नारेबाजी, ₹20 हजार सैलरी की मांग
Lucknow: राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर 17 जून, 2026 को बीसी सखियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत जुड़ी इन महिलाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपने मानदेय को बढ़
Lucknow: राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर 17 जून, 2026 को बीसी सखियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत जुड़ी इन महिलाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपने मानदेय को बढ़ाने की मांग की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि उन्हें काम के बदले मिलने वाला पैसा बहुत कम है, जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है।
इन बीसी सखियों की मुख्य मांग है कि उन्हें हर महीने 20,000 रुपये का सम्मानजनक वेतन दिया जाए। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण की बातें तो करती है, लेकिन उन्हें उनके बुनियादी अधिकार नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे आने वाले समय में और बड़ा आंदोलन शुरू करेंगी।
बीसी सखियां ग्रामीण इलाकों में उन लोगों की मदद करती हैं जिन्हें बैंकिंग की जानकारी नहीं होती या जो बैंक तक नहीं जा सकते। ये महिलाएं ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करती हैं। वर्तमान में उनकी कमाई का जरिया कमीशन है, जिसके बारे में विवरण नीचे दिया गया है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| शुरुआती वेतन | पहले 6 महीने तक 4,000 रुपये प्रति माह |
| वर्तमान कमीशन | 500 रुपये निकालने पर 96 पैसे |
| कुल लेनदेन (UP) | लगभग 45,000 करोड़ रुपये |
| कुल मिला कमीशन | लगभग 120 करोड़ रुपये |
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में अब तक 50,225 बीसी सखियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है, जिनमें से करीब 40 हजार महिलाएं एक्टिव हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर एक करोड़ से ज्यादा महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय शुक्ला ने भी इन ट्रेनिंग और नियुक्तियों की पुष्टि की है।