Lucknow और बाराबंकी के कई इलाकों में बिजली रहेगी गुल, सुधार कार्य के कारण बाधित होगी सप्लाई

Lucknow: राजधानी लखनऊ और बाराबंकी के कई इलाकों में बिजली कटौती होने वाली है। बिजली विभाग में सुधार कार्य और मरम्मत की वजह से कुछ क्षेत्रों में घंटों तक अंधेरा रहेगा। अगर आप इन इलाकों में रहते हैं, तो समय से अपनी तैयारी क

Lucknow: राजधानी लखनऊ और बाराबंकी के कई इलाकों में बिजली कटौती होने वाली है। बिजली विभाग में सुधार कार्य और मरम्मत की वजह से कुछ क्षेत्रों में घंटों तक अंधेरा रहेगा। अगर आप इन इलाकों में रहते हैं, तो समय से अपनी तैयारी कर लें ताकि आपको परेशानी न हो।

सरोजनीनगर क्षेत्र में बृहस्पतिवार, 16 जुलाई 2026 को बिजली बंद रहेगी। नादरगंज ओल्ड उपकेंद्र के सरोजनीनगर फीडर पर नए पोल लगाने और तार खींचने का काम होना है, जिसकी वजह से करीब पांच घंटे तक बिजली की आपूर्ति नहीं होगी। वहीं बाराबंकी शहर के कुल भास्कर, ओल्ड गणेशगंज और लाटूश रोड के आसपास के इलाकों में बुधवार को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बिजली गुल रही। यह कटौती जीटीआई उपकेंद्र पर चल रहे मरम्मत कार्य के कारण हुई थी।

बिजली की समस्या पिछले कुछ दिनों से बनी हुई है। मंगलवार, 14 जुलाई को नगराम क्षेत्र के समेसी उपकेंद्र से जुड़े बहरौली फीडर की बिजली तेज हवा की वजह से चली गई थी। गंगागंज के पास हाईटेंशन लाइन के तार आपस में चिपक गए थे, जिससे करीब 50 गांवों की बिजली गुल हो गई। अवर अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि मरम्मत के बाद दोपहर 3 बजे सप्लाई बहाल हुई, लेकिन शाम को शहजादेपुर गांव में फ्यूज उड़ने से फिर दिक्कत आई।

बिजली विभाग के कामकाज को लेकर उपभोक्ताओं और व्यापारियों में काफी गुस्सा है। मंगलवार को लखनऊ परिक्षेत्र व्यापार मंडल के लोगों ने तालकटोरा उपकेंद्र पर प्रदर्शन किया। व्यापारियों का आरोप है कि बिना जांच के बिजली का लोड बढ़ा दिया गया है और 1912 हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं मिलता। उन्होंने मांग की है कि शिकायतों को दर्ज करने की पुरानी मैन्युअल व्यवस्था फिर से शुरू की जाए।

इस बीच, अधिवक्ता विजय कुमार पांडेय ने बिना सहमति बिजली लोड बढ़ाने के मामले में एक बड़ी कानूनी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) और ऊर्जा मंत्रालय को पत्र भेजकर जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि लाखों उपभोक्ताओं के स्वीकृत भार में बिना जानकारी के बदलाव किया गया है, जिसे तुरंत ठीक किया जाना चाहिए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।