Lucknow में बैंक ऑफ बड़ौदा के खाताधारकों का हंगामा, FD घोटाले के बाद दूसरे दिन भी बैंक में लगाया ताला

Lucknow: शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में एफडी घोटाले को लेकर पीड़ितों का गुस्सा फूट पड़ा है। अपनी जमा पूंजी वापस पाने के लिए खाताधारकों ने लगातार दूसरे दिन बैंक में ताला लगाकर प्रदर्शन

Lucknow: शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में एफडी घोटाले को लेकर पीड़ितों का गुस्सा फूट पड़ा है। अपनी जमा पूंजी वापस पाने के लिए खाताधारकों ने लगातार दूसरे दिन बैंक में ताला लगाकर प्रदर्शन किया। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें आश्वासन तो मिला लेकिन पैसा वापस नहीं मिला, इसलिए अब वे बैंक का कामकाज ठप करने पर अड़े हैं।

यह पूरा मामला बैंक मित्र शिवा राव और उसके साथी दीपक से जुड़ा है। आरोप है कि इन दोनों ने ग्राहकों को ज्यादा ब्याज का लालच दिया और एफडी के नाम पर लाखों रुपये जमा कराए। बाद में पता चला कि ये रसीदें फर्जी थीं। इस घोटाले में 50 से ज्यादा ग्राहक प्रभावित हुए हैं और अब तक 32 से 43 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं।

पुलिस जांच में इस धोखाधड़ी की रकम को लेकर अलग-अलग दावे हैं। शुरुआती अनुमान 1.5 से 2 करोड़ रुपये का था, जो बाद में बढ़कर 13 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पीड़ितों का दावा है कि यह राशि 10 करोड़ रुपये से अधिक है।

मुख्य आरोपी और विवरण कार्रवाई/स्थिति
शिवा राव (बैंक मित्र) जनवरी 2026 में गिरफ्तार, 10 साल से कार्यरत था
दीपक (पूर्व सुरक्षा गार्ड) जनवरी 2026 में गिरफ्तार
शिवा राव का परिवार पत्नी, माँ और सहायक मार्च 2026 में गिरफ्तार
बैंक कर्मचारी/मैनेजर 2020 से तैनात स्टाफ की भूमिका की जांच जारी

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि 22 मई 2026 को बैंक के प्रधान कार्यालय के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। उस समय उन्हें 22 जून 2026 तक पैसा लौटाने का वादा किया गया था, लेकिन समय बीतने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ। इसी बात को लेकर 22 जून को 25 से ज्यादा लोगों ने प्रदर्शन किया और 23 जून को बैंक में ताला लगा दिया।

पुलिस ने मामले में कड़ाई दिखाते हुए आरोपियों के पास से कार, जेवर, फर्जी रसीद बनाने वाला प्रिंटर और लैपटॉप बरामद किया है। इंस्पेक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि बैंक के अंदरूनी सहयोग के बिना इतना बड़ा घोटाला मुमकिन नहीं था, इसलिए 2020 से वहां तैनात प्रबंधकों की जांच की जा रही है। वहीं, पश्चिमी क्षेत्र के डीसीपी विश्वजीत श्रीवास्तव ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और उनकी संपत्तियों की जांच की जा रही है।