UP : लखनऊ के बक्शी तालाब इलाके में प्रशासन ने अवैध मिट्टी के परिवहन के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। 3 जून, 2026 को जांच के दौरान एक डंपर को पकड़ा गया जो बिना किसी कागजात के मिट्टी ले जा रहा था। जॉइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम बी
UP : लखनऊ के बक्शी तालाब इलाके में प्रशासन ने अवैध मिट्टी के परिवहन के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। 3 जून, 2026 को जांच के दौरान एक डंपर को पकड़ा गया जो बिना किसी कागजात के मिट्टी ले जा रहा था। जॉइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम बीकेटी साहिल कुमार ने खुद इस कार्रवाई का नेतृत्व किया और डंपर को जब्त करवा लिया।
डंपर क्यों किया गया जब्त?
प्रशासन की टीम ने जब डंपर को रोका और चालक से कागजात मांगे, तो उसके पास मिट्टी के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज नहीं मिले। नियमों के मुताबिक मिट्टी ले जाने के लिए जरूरी परमिट और रॉयल्टी रसीद होना अनिवार्य है, जिसकी कमी के कारण इस वाहन पर कार्रवाई की गई।
बीकेटी में अवैध खनन के खिलाफ क्या है अभियान?
बक्शी तालाब क्षेत्र में अवैध खनन को रोकने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय है। इससे पहले 29 मई, 2026 को भी सैरपुर थाना क्षेत्र में एक बिना नंबर प्लेट वाला डंपर पकड़ा गया था। एसडीएम साहिल कुमार मार्च 2026 से ही कई गांवों में अवैध मिट्टी खनन की जांच कर रहे हैं, जिसमें माफिया और कुछ किसानों की मिलीभगत सामने आई थी।
मिट्टी खनन के लिए क्या हैं सरकारी नियम?
योगी सरकार ने मिट्टी खनन के लिए स्पष्ट गाइडलाइन तय की है। अगर कोई 100 घन मीटर तक मिट्टी का खनन करता है, तो उसके पास दो महीने का पंजीकरण प्रमाण पत्र होना चाहिए। वहीं 100 घन मीटर से अधिक मिट्टी के लिए छह महीने का परमिट जरूरी होता है। बिना इन दस्तावेजों के खनन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बक्शी तालाब में डंपर जब्त करने की कार्रवाई किसने की?
यह कार्रवाई जॉइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम बीकेटी साहिल कुमार द्वारा 3 जून, 2026 को की गई, जिसमें बिना वैध दस्तावेजों के मिट्टी ले जा रहे डंपर को जब्त किया गया।
UP में मिट्टी खनन के लिए कितने परमिट की जरूरत होती है?
100 घन मीटर तक मिट्टी के लिए 2 महीने का पंजीकरण प्रमाण पत्र और 100 घन मीटर से अधिक के लिए 6 महीने का परमिट अनिवार्य है।