UP: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में आज 28 मई को बकरीद का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. चाँद दिखने के बाद सरकार ने अवकाश की तारीख में बदलाव करते हुए आज सार्वजनिक छुट्टी घोषित की है. सुबह से
UP: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में आज 28 मई को बकरीद का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. चाँद दिखने के बाद सरकार ने अवकाश की तारीख में बदलाव करते हुए आज सार्वजनिक छुट्टी घोषित की है. सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी है. प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के कोने-कोने में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं.
नमाज और कुर्बानी के लिए क्या हैं सरकारी नियम?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार बकरीद को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नमाज केवल ईदगाह और मस्जिदों जैसे तय स्थलों पर ही पढ़ी जाएगी, सड़क जाम करके नमाज पढ़ने की अनुमति किसी को भी नहीं दी गई है. कुर्बानी को लेकर भी कुछ जरूरी नियम बनाए गए हैं:
- प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूरी तरह से रोक रहेगी.
- कुर्बानी केवल प्रशासन द्वारा तय किए गए स्थलों पर ही की जाएगी.
- खून को नालियों में नहीं बहाया जाएगा, बल्कि अपशिष्ट को जमीन में दफन करना होगा.
- खुले में मांस बेचने और अवैध बूचड़खानों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
नमाज का समय और सुरक्षा के लिए किए गए इंतजाम
लखनऊ के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर नमाज का समय अलग-अलग रखा गया है. टीले वाली मस्जिद में सुबह 9 बजे, ऐशबाग ईदगाह में 10 बजे और बड़ा इमामबाड़ा की आसिफी मस्जिद में शिया समुदाय द्वारा 11 बजे नमाज पढ़ी जाएगी. शहर की सुरक्षा के लिए 1300 से ज्यादा पुलिसकर्मी और पीएसी की 6 कंपनियां तैनात की गई हैं. सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और ट्रैफिक व्यवस्था में भी बड़े बदलाव किए गए हैं ताकि आम जनता को रास्ते में दिक्कत न हो.
Frequently Asked Questions (FAQs)
उत्तर प्रदेश में बकरीद की छुट्टी किस दिन है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने संशोधित कैलेंडर जारी करते हुए 28 मई 2026 को बकरीद के उपलक्ष्य में पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है.
लखनऊ में ऐशबाग ईदगाह में नमाज कितने बजे होगी?
लखनऊ की प्रसिद्ध ऐशबाग ईदगाह में नमाज का समय सुबह 10 बजे निर्धारित किया गया है.
क्या सड़कों पर नमाज पढ़ने की अनुमति है?
नहीं, सरकार और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़कों को अवरुद्ध करके नमाज नहीं पढ़ी जाएगी, केवल निर्धारित धार्मिक स्थलों पर ही अनुमति है.