Lucknow में बहुजन निर्बल वर्ग समिति जमीन घोटाला तेज, Vigilance ने LDA से मांगा 8 साल का रिकॉर्ड

UP : लखनऊ में बहुजन निर्बल वर्ग सहकारी गृह निर्माण समिति से जुड़ी जमीनों के घोटाले की जांच अब और तेज हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (Vigilance) ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (

UP : लखनऊ में बहुजन निर्बल वर्ग सहकारी गृह निर्माण समिति से जुड़ी जमीनों के घोटाले की जांच अब और तेज हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (Vigilance) ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से साल 2016 से 2024 तक का पूरा रिकॉर्ड मांगा है। इस कार्रवाई से उन अधिकारियों और लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर जमीनें बेचीं।

जांच में क्या है मुख्य मामला और किन पर है आरोप?

यह समिति खास तौर पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों की मदद के लिए बनाई गई थी। आरोप है कि इस समिति की जमीनों का गलत तरीके से आवंटन किया गया। इस मामले में पूर्व अध्यक्ष प्रवीण सिंह बाफिला, पूर्व सचिव लखन सिंह बलियानी और अभिषेक विक्रम सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या U.P. Revenue Code के नियमों का उल्लंघन कर गैर-पात्र लोगों को जमीन बेची गई।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब तक क्या हुआ?

कोर्ट ने इस मामले की जांच में ढिलाई मिलने पर नाराजगी जताई थी, जिसके बाद सितंबर 2025 में जांच EOW से हटाकर विजिलेंस को सौंपी गई। अगस्त 2025 में गजनीपुर पुलिस स्टेशन में सात लोगों पर केस दर्ज हुआ था। इसके साथ ही LDA ने समिति का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और पिछले 10 साल की बिक्री का ऑडिट करने का आदेश दिया गया है। इस पूरी जांच की निगरानी अब एसपी स्तर के अधिकारी करेंगे।

कौन-कौन सी एजेंसियां इस मामले में जुड़ी हैं?

  • इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच): जांच के आदेश देने और निगरानी करने वाली संस्था।
  • उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (Vigilance): वर्तमान में घोटाले की विस्तृत जांच कर रही एजेंसी।
  • लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA): जिससे 8 साल का रिकॉर्ड मांगा गया है और जिस पर मिलीभगत के आरोप हैं।
  • आर्थिक अपराध शाखा (EOW): जिसने शुरुआती जांच की थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

विजिलेंस ने LDA से कितने साल का रिकॉर्ड मांगा है?

विजिलेंस ने लखनऊ हाईकोर्ट के आदेश पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से वर्ष 2016 से 2024 तक के 8 साल का विस्तृत रिकॉर्ड मांगा है।

इस घोटाले में किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है?

समिति के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण सिंह बाफिला, पूर्व सचिव लखन सिंह बलियानी और अन्य सहयोगियों के खिलाफ गजनीपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।