UP : लखनऊ में ज्येष्ठ महीने के तीसरे बड़े मंगल को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा गया। इस खास मौके पर बख्शी का तालाब थाना स्टाफ ने इंदौरबाग चौकी पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण का आयोजन किया। यहां हजारों की संख्या में
UP : लखनऊ में ज्येष्ठ महीने के तीसरे बड़े मंगल को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा गया। इस खास मौके पर बख्शी का तालाब थाना स्टाफ ने इंदौरबाग चौकी पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण का आयोजन किया। यहां हजारों की संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और इस दौरान एक MLC भी कार्यक्रम में पहुंचे।
इस बार लखनऊ में क्यों हो रहे हैं 8 बड़े मंगल
इस साल लखनऊ में 19 साल बाद एक दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्येष्ठ महीने में अधिक मास होने की वजह से इस बार कुल 8 बड़े मंगल मनाए जा रहे हैं। ज्येष्ठ का महीना 2 मई से शुरू हुआ था जो 29 जून 2026 को खत्म होगा। शहर के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है और जगह-जगह भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं।
पर्यावरण बचाने के लिए इको-फ्रेंडली पहल
बड़े मंगल के आयोजनों में इस बार प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने पर जोर दिया गया है। पर्यावरण कार्यकर्ता शिप्रा पाठक, जिन्हें ‘वॉटर वुमन’ कहा जाता है, उन्होंने शहर के अलग-अलग भंडारों और सार्वजनिक जगहों पर लगभग 55,000 पत्तलों का वितरण किया। लोगों से अपील की गई कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक के बजाय पत्तल और मिट्टी के कुल्हड़ का इस्तेमाल करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में इस साल कितने बड़े मंगल मनाए जा रहे हैं
अधिक मास के कारण इस साल लखनऊ में कुल 8 बड़े मंगल मनाए जा रहे हैं, ऐसा संयोग पिछले 19 वर्षों में पहली बार हुआ है।
प्रसाद वितरण के दौरान पर्यावरण के लिए क्या कदम उठाए गए
प्लास्टिक मुक्त उत्सव के लिए शिप्रा पाठक ने लगभग 55,000 इको-फ्रेंडली पत्तलों का वितरण किया ताकि लोग प्लास्टिक की प्लेट्स का इस्तेमाल न करें।