Lucknow में आठवें बड़े मंगल की धूम, 19 साल बाद बना दुर्लभ संयोग; मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
Lucknow: राजधानी लखनऊ में ज्येष्ठ माह के आठवें और अंतिम बड़े मंगल का पर्व 23 जून, 2026 को बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस बार का संयोग बेहद खास है क्योंकि 19 साल बाद ज्येष्ठ माह में आठ बड़े मंगल पड़े हैं, जिसका म
Lucknow: राजधानी लखनऊ में ज्येष्ठ माह के आठवें और अंतिम बड़े मंगल का पर्व 23 जून, 2026 को बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस बार का संयोग बेहद खास है क्योंकि 19 साल बाद ज्येष्ठ माह में आठ बड़े मंगल पड़े हैं, जिसका मुख्य कारण अधिकमास का होना है। सुबह 4 बजे से ही शहर के हनुमान मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं और चारों तरफ जय श्री राम के जयकारे गूंज रहे हैं।
शहर के प्रमुख मंदिरों जैसे हनुमान सेतु स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर, लेटे हुए हनुमान मंदिर, अलीगंज के पुराने और नए हनुमान मंदिर और कैसरबाग के हनुमंत धाम में विशेष सजावट की गई है। भक्त बड़ी संख्या में हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ कर रहे हैं। साथ ही जगह-जगह भंडारे आयोजित किए गए हैं, जहाँ लोगों को शरबत, पूड़ी-सब्जी और बूंदी के लड्डू का प्रसाद बांटा जा रहा है। इस दिन रवि योग का भी शुभ संयोग बन रहा है, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह और बढ़ गया है।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समितियों ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। हनुमंत धाम के महंत रामसेवक दास ने बताया कि भक्तों की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। वहीं हजरतगंज के दक्षिण हनुमान मंदिर के पंडित मोहित शुक्ला ने भीषण गर्मी को देखते हुए मंदिर के बाहर खास इंतजाम किए हैं। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है और ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है ताकि आम लोगों को जाम से राहत मिल सके।
इस साल आयोजकों ने पर्यावरण का भी ध्यान रखा है। मंदिरों और भंडारों में प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। पहले के बड़े मंगल पर मेयर सुषमा खर्कवाल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और सपा प्रमुख अखिलेश यादव जैसे नेता भी भंडारों में शामिल हुए थे।