UP: लखनऊ में 2 जून 2026 को बड़े मंगल का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं और राहगीरों की भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर पुलिस और आम जनता ने मिलकर लोगों को ठंडे शरबत और पूड़ी-सब्जी खिलाई।
UP: लखनऊ में 2 जून 2026 को बड़े मंगल का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं और राहगीरों की भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर पुलिस और आम जनता ने मिलकर लोगों को ठंडे शरबत और पूड़ी-सब्जी खिलाई। कई मंदिरों में सुंदरकांड का पाठ किया गया और हनुमान जी की प्रतिमा पर दीप जलाए गए।
बड़े मंगल पर कहां हुए मुख्य आयोजन
शहर के कई प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही रौनक रही। हनुमत धाम मंदिर में सुबह 9 बजे से सुंदरकांड पाठ और भंडारा शुरू हुआ। मौनी बाबा मंदिर आलमबाग में सुबह 10 बजे से आयोजन हुए। वहीं इंदिरानगर में महिलाओं ने शाम 4 बजे से भंडारे का आयोजन किया। अलीगंज के नए और पुराने हनुमान मंदिर, हनुमान सेतु मंदिर, त्रिमूर्ति हनुमान मंदिर और बालाजी मंदिर में भी भारी भीड़ रही।
भंडारा आयोजकों के लिए क्या हैं नियम
लखनऊ नगर निगम और पुलिस ने इस बार कड़े नियम लागू किए हैं। नगर निगम ने आयोजकों से प्लास्टिक और थर्माकोल का उपयोग न करने की अपील की है और पत्तल व मिट्टी के कुल्हड़ों के इस्तेमाल पर जोर दिया है। ‘लखनऊ वन ऐप’ के जरिए भंडारे की जानकारी देना अनिवार्य है। साथ ही, रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
सुरक्षा और प्रशासन की तैयारी
शहर में 21 मई से 19 जुलाई 2026 तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। इस वजह से किसी भी धार्मिक आयोजन या 5 से ज्यादा लोगों के जमावड़े के लिए प्रशासन से पहले अनुमति लेना जरूरी है। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और लखनऊ के जिलाधिकारी ने भी यूपी प्रेस क्लब में आयोजित भंडारों में हिस्सा लिया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
2026 में कितने बड़े मंगल मनाए जा रहे हैं
अधिक मास की वजह से इस साल 5 मई से 23 जून तक कुल आठ मंगलवार शामिल हैं, जिनमें 2 जून को पांचवां बड़ा मंगल मनाया गया।
भंडारा आयोजित करने के लिए क्या प्रक्रिया है
आयोजकों को 24 घंटे पहले नगर निगम को सूचित करना होगा और ‘लखनऊ वन ऐप’ के ‘स्वच्छ जीरो वेस्ट’ विकल्प पर जानकारी दर्ज करनी होगी।