Lucknow के बड़ा शिवाला मंदिर ने शुरू की जल संरक्षण मुहिम, शिवलिंग पर चढ़े पानी का होगा सही इस्तेमाल
Lucknow: राजधानी लखनऊ के रानी कटरा इलाके में स्थित संकटा देवी मंदिर प्रांगण का बड़ा शिवाला मंदिर इन दिनों जल संरक्षण की एक खास मिसाल पेश कर रहा है। मंदिर प्रशासन ने ‘जल है तो कल है’ के संदेश को सच करने के लिए
Lucknow: राजधानी लखनऊ के रानी कटरा इलाके में स्थित संकटा देवी मंदिर प्रांगण का बड़ा शिवाला मंदिर इन दिनों जल संरक्षण की एक खास मिसाल पेश कर रहा है। मंदिर प्रशासन ने ‘जल है तो कल है’ के संदेश को सच करने के लिए एक पहल शुरू की है, जिससे आम लोगों को पानी बचाने की प्रेरणा मिल रही है।
इस मुहिम के तहत मंदिर में शिवलिंग पर अर्पित किए जाने वाले जल को बर्बाद नहीं होने दिया जा रहा है, बल्कि उसका सही तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। मंदिर का यह तरीका लोगों को बता रहा है कि आस्था के साथ-साथ प्रकृति का ख्याल रखना भी कितना जरूरी है।
यह पहल ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश सरकार भी जल संरक्षण पर जोर दे रही है। राज्य में जुलाई 2026 के दौरान ‘भूजल सप्ताह’ मनाया गया, जिसमें जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने पानी बचाने को एक जन आंदोलन बनाने की बात कही थी। सरकार का मानना है कि अगर आज पानी बचाया गया, तो भविष्य में यह हमें संकट से बचाएगा।
योगी सरकार इस दिशा में खेत तालाब योजना, अमृत सरोवर योजना और गंगा तालाब योजना जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। इसके अलावा, लखनऊ में बड़ा मंगल जैसे आयोजनों के दौरान भी ग्रीन भंडारा और पेड़ लगाने जैसी कोशिशें की जा रही हैं ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।