UP: लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले लोगों की जान जोखिम में है। रसौली कट और ओवरब्रिज के आसपास कई जगह साइनबोर्ड टूटे हुए हैं और रोड लाइटें खराब पड़ी हैं। लंबे समय से बनी इस समस्या की वजह से राहगीरों की सुरक्षा पर
UP: लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले लोगों की जान जोखिम में है। रसौली कट और ओवरब्रिज के आसपास कई जगह साइनबोर्ड टूटे हुए हैं और रोड लाइटें खराब पड़ी हैं। लंबे समय से बनी इस समस्या की वजह से राहगीरों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं और आए दिन हादसे हो रहे हैं।
हादसों की वजह क्या है और अब तक क्या हुआ
रिपोर्ट के मुताबिक रसौली कट और चौपुला कट के पास संकेतक, रोड लाइट और ब्लिंकर खराब पड़े हैं। बाराबंकी में एक महीने पहले एक बड़ा हादसा हुआ था, लेकिन उसके बाद भी मरम्मत का काम नहीं हुआ। सीओ यातायात आलोक पाठक ने बताया कि इन चीजों की देखरेख की जिम्मेदारी NHAI द्वारा तैनात कंपनी की है। उन्होंने खराब लाइटों और संकेतकों को फिर से लगाने की सिफारिश की है।
प्रशासन और NHAI ने क्या तैयारी की है
अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने 8 मई 2026 को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सख्त निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी मुख्य रास्तों पर साफ साइनबोर्ड लगाए जाएं और अवैध कटों को तुरंत बंद किया जाए। वहीं, NHAI के परियोजना निदेशक शरद सिंह ने पहले ही हाईवे को सुरक्षित बनाने के लिए चार नए ओवरब्रिज बनाने की योजना बताई थी।
सड़क सुरक्षा के लिए सरकार के नियम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में सड़क सुरक्षा माह मनाने का निर्देश दिया था, जिसमें इंजीनियरिंग और आपातकालीन देखभाल पर जोर दिया गया। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भी 2026 में एक विशेष अभियान चला रहा है। इसका मकसद ड्राइवरों में अनुशासन लाना और सावधानी बढ़ाना है ताकि हाईवे पर होने वाली मौतों को कम किया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर किन जगहों पर सबसे ज्यादा खतरा है?
मुख्य रूप से रसौली कट और चौपुला कट के पास टूटे हुए साइनबोर्ड, खराब रोड लाइट और ब्लिंकरों की वजह से हादसों का खतरा ज्यादा है।
हाईवे की मरम्मत की जिम्मेदारी किसकी है?
हाईवे पर संकेतक, रोड लाइट और ब्लिंकर लगाने और उनकी देखरेख की पूरी जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा तैनात कंपनी की है।