Lucknow में ज्योतिष-वास्तु सम्मेलन आयोजित, विहसंत सागर महाराज बोले- ज्योतिष भाग्य बदलने का नहीं, सही दिशा दिखाने का माध्यम है

Lucknow: राजधानी लखनऊ में आनंदमय पावन वर्षायोग समिति के तत्वावधान में एक विशेष ज्योतिष एवं वास्तु सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पूज्य उपाध्याय श्री 108 विहसंत सागर महाराज के सान्निध्य में संपन्न हुआ। सम्मेलन का

Lucknow: राजधानी लखनऊ में आनंदमय पावन वर्षायोग समिति के तत्वावधान में एक विशेष ज्योतिष एवं वास्तु सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पूज्य उपाध्याय श्री 108 विहसंत सागर महाराज के सान्निध्य में संपन्न हुआ। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य लोगों को ज्योतिष और वास्तु के सही अर्थ से अवगत कराना और उन्हें जीवन में सकारात्मक दिशा दिखाना था।

इस अवसर पर पूज्य उपाध्याय श्री 108 विहसंत सागर महाराज ने कहा कि ज्योतिष का काम भाग्य बदलना नहीं है, बल्कि यह सही रास्ता दिखाने का एक माध्यम है। उन्होंने समाज में प्रेम, संस्कार और आत्मीयता बढ़ाने पर जोर दिया। महाराज ने इस बात पर विशेष चिंता जताई कि आज के बच्चे मोबाइल की दुनिया में खो गए हैं, उन्हें फिर से अपनी संस्कृति, मंदिरों और नैतिक मूल्यों से जोड़ने की जरूरत है।

यह आयोजन 19 जुलाई 2026 को शुरू हुए वर्षा योग (चातुर्मास) स्थापना महोत्सव का एक हिस्सा था। 19 जुलाई को आशियाना दिगंबर जैन मंदिर से एक भव्य शोभायात्रा और मंगल कलश यात्रा निकाली गई थी, जो सी.एम.एस. ऑडिटोरियम, कानपुर रोड तक गई। इसके बाद 20 जुलाई को आशियाना दिगंबर जैन मंदिर में मुख्य ज्योतिष सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें रवि जैन समेत देशभर के कई प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य और वास्तुविद शामिल हुए।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शिरकत की और उपाध्याय श्री विहसंत सागर महाराज के चरणों में श्रीफल अर्पित कर वंदना की। उनके अलावा महापौर सुषमा खरकवाल, विधायक नीरज बोरा, विधायक डॉ. महेंद्र सिंह, इंजीनियर अवनीश सिंह, एमएलसी पवन सिंह और बीजेपी नगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे और इस धार्मिक आयोजन की सराहना की।