UP : लखनऊ के हजरतगंज स्थित होटल आरिफ कैसल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अश्वमेध धर्म ध्वजा यात्रा की घोषणा की गई। यह यात्रा 20 अक्टूबर को विजयदशमी के दिन शुरू होगी और कुल 11,800 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस महायात्रा
UP : लखनऊ के हजरतगंज स्थित होटल आरिफ कैसल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अश्वमेध धर्म ध्वजा यात्रा की घोषणा की गई। यह यात्रा 20 अक्टूबर को विजयदशमी के दिन शुरू होगी और कुल 11,800 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस महायात्रा का मकसद लोगों के बीच धार्मिक जागृति, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्र निर्माण के संदेश को पहुंचाना है।
यात्रा का रूट और चार चरण क्या होंगे?
यह यात्रा पैदल, वाहन और ट्रेन के जरिए चार अलग-अलग चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में दिल्ली से मथुरा, आगरा, उज्जैन, मुंबई और जयपुर होते हुए वापस दिल्ली पहुंचा जाएगा। दूसरे चरण में दिल्ली से बीकानेर, अमृतसर, जम्मू और हरिद्वार जैसे शहरों का दौरा होगा। तीसरे चरण में दिल्ली से अयोध्या, पटना, कोलकाता और वाराणसी होते हुए वापसी होगी। चौथे चरण में ट्रेन के जरिए दिल्ली से रामेश्वरम और पुणे की यात्रा की जाएगी।
यात्रा के मुख्य उद्देश्य और खास बातें क्या हैं?
पूज्य जन्मेजय शरण जी महाराज ने बताया कि सनातन धर्म मानव जीवन का आधार है और यात्रा के दौरान तय जगहों पर अश्वमेध धर्म यज्ञ भी किया जाएगा। आचार्य डॉ. संतोष जी महाराज ने युवाओं में सांस्कृतिक चेतना जगाने पर जोर दिया। यात्रा में शिवाश्री ऋतु, अमरजीत मिश्रा और वेद प्रकाश जैसे लोग शामिल हैं। फिल्म निर्देशक दुष्यंत प्रताप सिंह और थाईलैंड से आए विनोद हांडा ने भी इस अभियान को भारतीय गौरव को मजबूत करने वाला बताया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अश्वमेध धर्म ध्वजा यात्रा कब से शुरू होगी और कितनी लंबी होगी?
यह यात्रा 20 अक्टूबर को विजयदशमी के अवसर पर शुरू होगी और कुल 11,800 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
इस यात्रा के मुख्य उद्देश्य क्या हैं?
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में धार्मिक जागृति लाना, सांस्कृतिक एकता को बढ़ाना और राष्ट्र निर्माण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।