Lucknow के ऐशबाग जंक्शन का कायाकल्प, 24 करोड़ से बदला 130 साल पुराने स्टेशन का चेहरा

Lucknow: लखनऊ का ऐतिहासिक ऐशबाग जंक्शन अब पूरी तरह बदल चुका है। ब्रिटिश जमाने का यह 130 साल पुराना स्टेशन अब आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर यात्रियों के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई 2026 को वीडियो कॉन

Lucknow: लखनऊ का ऐतिहासिक ऐशबाग जंक्शन अब पूरी तरह बदल चुका है। ब्रिटिश जमाने का यह 130 साल पुराना स्टेशन अब आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर यात्रियों के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस स्टेशन का लोकार्पण किया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे और उन्होंने स्टेशन की नई सुविधाओं की तारीफ की।

यह पूरा काम ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत किया गया है, जिस पर करीब 24 करोड़ 13 लाख रुपये खर्च हुए हैं। पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के लखनऊ मंडल ने इस पुनर्विकास कार्य को पूरा किया। आपको बता दें कि अंग्रेजों के समय में इस स्टेशन का इस्तेमाल रसद आपूर्ति और स्टीम इंजन के रखरखाव के मुख्य केंद्र के रूप में किया जाता था।

स्टेशन पर अब यात्रियों को हवाई अड्डे जैसी सुविधाएं मिलेंगी। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब यहाँ 24 कोच वाली लंबी ट्रेनें भी रुक सकेंगी, जबकि पहले सिर्फ 18 कोच वाली ट्रेनों का ठहराव संभव था। इसके अलावा स्टेशन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सोलर पैनल और बारिश के पानी को बचाने का सिस्टम भी लगाया गया है।

सुविधा बदलाव और नई खासियतें
यात्री सुविधाएं एसी वेटिंग एरिया, बेबी फीडिंग रूम और विशाल प्रतीक्षालय
इंफ्रास्ट्रक्चर 26 नए शेल्टर, आधुनिक फर्श वाले प्लेटफॉर्म और एलईडी साइनेज
दिव्यांगजन सुविधा रैंप, व्हीलचेयर और ब्रेल मानचित्र
प्रवेश और निकास दो नए गेट, 5,500 वर्ग मीटर पार्किंग और 4,300 वर्ग मीटर सर्कुलेटिंग एरिया
पर्यावरण सौर ऊर्जा पैनल और 1000 लीटर क्षमता का रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि पहले ऐसी सुविधाओं के बारे में सोचना भी मुश्किल था, लेकिन अब रेलवे स्टेशन हवाई अड्डों की तरह खूबसूरत और सुविधाजनक हो गए हैं। इस बदलाव से न केवल यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि स्थानीय विकास को भी गति मिलेगी।