Lucknow के कलाकारों ने उठाई आवाज, ऑडिटोरियम की फीस कम करने और ग्रांट की मांग की
Lucknow: राजधानी लखनऊ के कलाकारों ने सरकार से अपनी समस्याओं को दूर करने की अपील की है। कलाकारों का कहना है कि ऑडिटोरियम की फीस काफी ज्यादा है जिसे कम किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की है कि सरकारी ग्रांट की सुविधा
Lucknow: राजधानी लखनऊ के कलाकारों ने सरकार से अपनी समस्याओं को दूर करने की अपील की है। कलाकारों का कहना है कि ऑडिटोरियम की फीस काफी ज्यादा है जिसे कम किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की है कि सरकारी ग्रांट की सुविधा सभी पात्र कलाकारों को मिलनी चाहिए ताकि वे अपनी कला को आगे बढ़ा सकें।
कलाकारों ने विशेष रूप से Sant Gadge Ji Maharaj Auditorium की हालत पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस ऑडिटोरियम में लगे AC को ठीक कराया जाए और उसे बिना वजह न तुड़वाया जाए। जानकारी के मुताबिक, यह ऑडिटोरियम 14 अप्रैल 2026 से रिनोवेशन के लिए बंद है और यहाँ सभी बुकिंग रोक दी गई हैं।
दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश सरकार कलाकारों की मदद का दावा कर रही है। 5 जून 2026 को Deputy Chief Minister Brajesh Pathak ने कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार कलाकारों को ज्यादा अवसर और संस्थागत सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दौरान उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी सम्मान समारोह में 51 कलाकारों को सम्मानित भी किया गया था।
सरकार ने कलाकारों के लिए कुछ वित्तीय कदम भी उठाए हैं। 30 मार्च 2026 को ग्रामीण कलाकारों को वाद्य यंत्र खरीदने के लिए वित्तीय अनुदान देने की घोषणा की गई थी। इसके अलावा, भ्रष्टाचार रोकने के लिए कल्चर डायरेक्टोरेट ने 8 जून 2025 को फैसला लिया था कि लोक कलाकारों को उनके प्रदर्शन से पहले 50% मानदेय दिया जाएगा। संगीत नाटक अकादमी भी उन सांस्कृतिक संस्थाओं को सहायता देती है जो परफॉर्मिंग आर्ट्स को बढ़ावा देती हैं।
हाल ही में 2 जुलाई 2026 को Tourism and Culture Minister Jaiveer Singh ने प्रदेश के सांस्कृतिक प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि 15 अगस्त तक जिला संस्कृति प्रोत्साहन परिषदों को चालू किया जाए। हालांकि, 5 जुलाई को कलाकारों द्वारा उठाई गई फीस कम करने और ग्रांट से जुड़ी मांगों पर अब तक प्रशासन की तरफ से कोई सीधा जवाब नहीं आया है।