UP : लखनऊ के यूपी प्रेस क्लब में कलाकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें शहर के ऑडिटोरियम और प्रेक्षागृहों की खराब हालत का मुद्दा उठाया गया। कलाकारों ने कहा कि बुनियादी सुविधाओं की कमी और बढ़ते किरा
UP : लखनऊ के यूपी प्रेस क्लब में कलाकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें शहर के ऑडिटोरियम और प्रेक्षागृहों की खराब हालत का मुद्दा उठाया गया। कलाकारों ने कहा कि बुनियादी सुविधाओं की कमी और बढ़ते किराए की वजह से उन्हें काम करने में बहुत दिक्कत आ रही है। उन्होंने सरकार से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है।
कलाकारों ने मुख्य रूप से किन समस्याओं को उठाया
पद्मश्री अनिल रस्तोगी ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों और प्रेक्षागृहों की अनदेखी करना बहुत गलत है। उन्होंने बताया कि सरकार कलाकारों से बात किए बिना ही फैसले ले रही है, जो बिल्कुल अव्यावहारिक हैं। वहीं सचिव विनोद मिश्रा ने कहा कि किराया इतना बढ़ गया है कि छोटे समूहों और नए कलाकारों के लिए अपना अस्तित्व बचाना मुश्किल हो गया है। वरिष्ठ रंगकर्मी सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ ने बताया कि कई प्रेक्षागृहों में लाइट और साउंड सिस्टम बहुत खराब स्थिति में है।
क्या हैं कलाकारों की प्रमुख मांगें
- वाल्मीकि प्रेक्षागृह का निर्माण कार्य अगले छह महीने के भीतर पूरा किया जाए।
- राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह के किराए में कटौती की जाए।
- कला मंडपम के लाइट और साउंड सिस्टम को तुरंत ठीक किया जाए।
- भारतेंदु नाट्य अकादमी के राज बिसारिया और बी.एम. शाह ऑडिटोरियम को बाहरी कलाकारों और संस्थाओं के लिए खोला जाए।
आगे की रणनीति और निगरानी समिति का गठन
संगम बहुगुणा ने घोषणा की कि जल्द ही वरिष्ठ कलाकारों की एक निगरानी समिति बनाई जाएगी। यह समिति प्रदेश के सभी प्रेक्षागृहों का नियमित निरीक्षण करेगी। समिति अपनी रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और संस्कृति मंत्रालय को भेजेगी। कलाकारों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते सुधार नहीं हुए, तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। इस बैठक में राजा अवस्थी, अशोक सिन्हा, गोपाल सिन्हा और अजय द्विवेदी समेत सैकड़ों कलाकार मौजूद थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कलाकार एसोसिएशन ने किन ऑडिटोरियमों के सुधार की मांग की है?
कलाकारों ने वाल्मीकि प्रेक्षागृह का निर्माण पूरा करने, राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह का किराया कम करने और कला मंडपम की लाइट-साउंड व्यवस्था ठीक करने की मांग की है।
निगरानी समिति का क्या काम होगा?
यह समिति प्रदेश के प्रेक्षागृहों की स्थिति का नियमित निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और संस्कृति मंत्रालय को भेजेगी।