UP : लखनऊ में फ्लैट और प्लॉट के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले चर्चित अंसल प्रकरण की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपी जा रही है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 30 से ज्यादा आरोपियों की पहचान कर ली है, जिनमें कंपनी
UP : लखनऊ में फ्लैट और प्लॉट के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले चर्चित अंसल प्रकरण की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपी जा रही है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 30 से ज्यादा आरोपियों की पहचान कर ली है, जिनमें कंपनी के मालिक, मैनेजर और एजेंट शामिल हैं। हजारों निवेशक जो अपनी जमा पूंजी गंवा चुके हैं, उन्हें अब EOW से उम्मीद है कि उनकी समस्या का समाधान होगा।
EOW जांच में क्या होगा और अब तक क्या हुआ?
क्राइम ब्रांच अब आपत्तियों को दूर कर इस पूरे मामले को EOW को सौंपने की तैयारी में है। पुलिस उपायुक्त (अपराध) कमलेश दीक्षित के मुताबिक, पीड़ित निवेशक EOW कार्यालय में अपने जरूरी दस्तावेज जमा कर रहे हैं। EOW अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के साथ मिलकर जमीन के रिकॉर्ड की जांच कर रही है। एक बार कागजी कार्रवाई पूरी हो जाने के बाद आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
FIR की संख्या और ED की बड़ी कार्रवाई
इस मामले में धोखाधड़ी का पैमाना बहुत बड़ा है। नवंबर 2025 तक लखनऊ में अंसल एपीआई के खिलाफ दर्ज FIR की संख्या 298 तक पहुंच गई थी। इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की है। ED ने सुशांत गोल्फ सिटी प्रोजेक्ट में हुई वित्तीय गड़बड़ियों के चलते अंसल प्रॉपर्टीज और उसके प्रमोटरों की 313.12 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है।
| विवरण |
जानकारी |
| जांच एजेंसी |
आर्थिक अपराध शाखा (EOW) |
| कुल FIR (नवंबर 2025 तक) |
298 |
| पहचाने गए आरोपी |
30 से अधिक |
| ED द्वारा कुर्क संपत्ति |
₹313.12 करोड़ |
| मुख्य प्रोजेक्ट |
सुशांत गोल्फ सिटी |
Frequently Asked Questions (FAQs)
अंसल प्रॉपर्टी मामले में अब कौन जांच करेगा?
इस मामले की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा (EOW) करेगी, जिसे क्राइम ब्रांच द्वारा आरोपियों की पहचान के बाद सौंपा जा रहा है।
ED ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?
ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत अंसल प्रॉपर्टीज और प्रमोटरों की 313.12 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।