Lucknow में एनीमेशन सेंटर में भीषण आग, 15 छात्रों की मौत, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक हुए भावुक

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर एक एनीमेशन सेंटर में भीषण आग लग गई, जिसमें 15 छात्रों की जान चली गई। इस हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा है और घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना की गंभीरता को दे

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर एक एनीमेशन सेंटर में भीषण आग लग गई, जिसमें 15 छात्रों की जान चली गई। इस हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा है और घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने मौके का दौरा किया।

यह हादसा 22 जून 2026 को दोपहर करीब 3 बजे पुरनिया स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में हुआ। इस बिल्डिंग के निचले हिस्से में एक पेट शॉप और क्लिनिक था, जबकि ऊपरी मंजिलों पर ‘Head Hoppers Studio’ नाम का एनीमेशन और गेमिंग सेंटर चल रहा था। आग इतनी भयानक थी कि कई छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग लगा दी।

घटनास्थल पर पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मंजर देखकर काफी भावुक हो गए और रो पड़े। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों से 11-12 बच्चों के शव देखे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपना अलीगढ़ दौरा रद्द कर लखनऊ का दौरा किया और केजीएमयू अस्पताल में घायलों का हाल जाना। उन्होंने अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है।

विवरण जानकारी
मृतकों की संख्या 15 (12 पुरुष, 3 महिलाएं)
घायलों की संख्या 7 (KGMU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती)
मृतकों की उम्र 17 से 30 वर्ष के बीच
संभावित कारण शॉर्ट सर्किट और एसी कंप्रेसर का फटना
इमारत की स्थिति बिना नक्शे और फायर NOC के अवैध संचालन
बचाव कार्य 14 दमकल गाड़ियां और NDRF की टीमें तैनात

शुरुआती जांच में पता चला है कि यह एक अवैध व्यावसायिक इमारत थी, जिसमें फायर सेफ्टी के नियमों का पालन नहीं किया गया था। दमकल कर्मियों को मौके पर पहुंचने में करीब आधे घंटे की देरी हुई, जिससे बचाव कार्य प्रभावित हुआ। आग इतनी ज्यादा थी कि दमकल कर्मियों को बगल की इमारत की दीवार तोड़कर अंदर घुसना पड़ा। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मामले की जांच के लिए डीजीपी और अपर मुख्य सचिव (गृह) की एक उच्च स्तरीय समिति बनाने की बात कही है।