Lucknow के अमीनाबाद में नकली दवाओं का बड़ा खेल, 5 फर्मों के खिलाफ FIR दर्ज
Lucknow/Aminabad: राजधानी लखनऊ के अमीनाबाद इलाके में नकली और जानलेवा दवाओं के कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। यहां फर्जी बिलिंग के जरिए नकली दवाएं बाजार में बेची जा रही थीं। इस मामले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FS
Lucknow/Aminabad: राजधानी लखनऊ के अमीनाबाद इलाके में नकली और जानलेवा दवाओं के कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। यहां फर्जी बिलिंग के जरिए नकली दवाएं बाजार में बेची जा रही थीं। इस मामले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की जांच के बाद पांच दवा फर्मों और उनके संचालकों के खिलाफ अमीनाबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
जांच में पता चला कि ये कारोबारी रद्द हो चुके औषधि लाइसेंस और जीएसटी नंबर का इस्तेमाल कर रहे थे। सॉफ्टवेयर में हेराफेरी करके फर्जी बिल बनाए जा रहे थे ताकि नकली दवाओं की खरीद-बिक्री को कानूनी दिखाया जा सके। इन जानलेवा दवाओं को लखनऊ के अलावा कानपुर और गोरखपुर जैसे जिलों में भी भेजा गया था।
FSDA की टीम ने जब जांच शुरू की तो पाया कि शिव शक्ति मेडिकल का लाइसेंस 5 जनवरी 2026 को ही निरस्त कर दिया गया था, फिर भी यहां से दवाओं का कारोबार जारी था। इस सिंडिकेट का जाल लखनऊ से देहरादून तक फैला हुआ था। देहरादून में एक अवैध फैक्ट्री का भी पता चला जहां लगभग एक करोड़ रुपये की नकली दवाएं बनाई जा रही थीं।
| फर्म का नाम | संचालक/आरोपी |
|---|---|
| शिव शक्ति मेडिकल | कपिल जायसवाल |
| मीत एंटरप्राइजेज | हरमीत सिंह |
| विद्या फार्म | प्रियांशु पाल और सुधांशु पाल |
| आरएन फार्मा | साहिल जैदी |
| आबिद अली अतहर | आबिद अली अतहर |
इस पूरे खेल में मुख्य सप्लायर राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा राजस्थान निवासी भूपेंद्र शर्मा को भी इस सिंडिकेट का सरगना बताया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 111 समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
नकली दवाओं में क्लॉप-जी क्रीम, टेल्मा-एएम, टेल्मा-एच और क्लैवाम 625 जैसे बड़े ब्रांड्स के नाम का इस्तेमाल किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए FSDA ने पूरे उत्तर प्रदेश में नए थोक दवा लाइसेंस जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है।