Lucknow में एंबुलेंस ड्राइवरों का प्रदर्शन, BJP दफ्तर के बाहर रोकर जताया नौकरी गंवाने का दर्द

Lucknow: राजधानी लखनऊ में गुरुवार दोपहर 1:00 बजे एंबुलेंस ड्राइवरों ने भाजपा कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। नौकरी खोने से परेशान इन ड्राइवरों ने कार्यालय को घेरने की कोशिश की और अपनी बदहाली पर रोते हुए नारेबाजी क

Lucknow: राजधानी लखनऊ में गुरुवार दोपहर 1:00 बजे एंबुलेंस ड्राइवरों ने भाजपा कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। नौकरी खोने से परेशान इन ड्राइवरों ने कार्यालय को घेरने की कोशिश की और अपनी बदहाली पर रोते हुए नारेबाजी की। ड्राइवरों का कहना था कि कोरोना काल में उन्हें ‘हीरो’ कहा गया था, लेकिन आज वे ‘जीरो’ बनकर रह गए हैं।

यह पूरा मामला GVK EMRI के एंबुलेंस ड्राइवरों से जुड़ा है, जो 102 और 108 आपातकालीन सेवाओं का संचालन करते थे। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। यह विवाद काफी पुराना है और समय-समय पर सामने आता रहा है।

रिसर्च के मुताबिक, साल 2020 में GVK EMRI ने फंड की कमी और वित्तीय नुकसान का हवाला देकर करीब 1,000 कर्मचारियों को निकाला था, जिनमें 500 ड्राइवर और 400 EMT शामिल थे। इसके बाद 2021 में जब सरकार ने नया टेंडर Ziqitza Healthcare Limited को दिया, तब भी पुराने कर्मचारियों को काम पर रखने के बजाय नए लोगों को भर्ती करने के आरोप लगे थे। उस समय हड़ताल करने वाले करीब 550 कर्मचारियों को ड्यूटी में लापरवाही के नाम पर नौकरी से निकाल दिया गया था।

ड्राइवरों ने यह भी आरोप लगाया कि GVK EMRI ने बिना किसी नोटिस के हजारों कर्मचारियों को हटाया और उनका ग्रेच्युटी व पीएफ का पैसा भी नहीं दिया। हालात इतने खराब हुए कि कुछ ड्राइवरों ने नौकरी जाने के बाद आत्महत्या जैसा कदम भी उठाया। इस पूरे विवाद के दौरान सरकार ने ESMA लगाया था और हड़ताली कर्मचारियों पर FIR भी दर्ज की गई थी।