Lucknow के अलीगंज में भीषण आग से 15 लोगों की मौत, पेट क्लिनिक में बंद जानवर जिंदा जले

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला इमारत में सोमवार दोपहर करीब 3 बजे भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर 20 से 27 साल के छात्र और कर्मचारी थे। आग इतनी भयानक थी कि इ

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला इमारत में सोमवार दोपहर करीब 3 बजे भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर 20 से 27 साल के छात्र और कर्मचारी थे। आग इतनी भयानक थी कि इमारत में चल रहे पेट क्लिनिक में बंद कई कुत्ते, बिल्लियां और खरगोश जिंदा जल गए, हालांकि बचाव दल ने 30 से ज्यादा जानवरों को सुरक्षित बाहर निकाला।

हादसे के बाद योगी सरकार ने सख्त एक्शन लेते हुए चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें जनकिपुरम के XEN गौरव कुमार, फायर डिपार्टमेंट के कमलेंद्र कुमार सिंह, LDA के अनिल कुमार और प्रमोद पांडे शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की SIT जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी रिपोर्ट सात दिनों के भीतर मांगी गई है।

जांच में सामने आया कि यह इमारत सरकारी कागजों में रिहायशी थी, लेकिन 2014 से यहां अवैध रूप से कमर्शियल काम चल रहा था। यहां ‘Learning Space’ और ‘Head Hopper Studio’ जैसे कोचिंग सेंटर और एनिमेशन स्टूडियो के साथ-साथ एक पेट शॉप और क्लिनिक भी था। इमारत में कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं था और छत का रास्ता भी बंद था, जिसकी वजह से लोग फंस गए। शुरुआती तौर पर आग का कारण बेसमेंट में लगे एक AC यूनिट में शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।

पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, पेट शॉप मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, एनिमेशन सेंटर चलाने वाले तुषंक कृष्ण जायसवाल और किराएदार सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया है। इन सभी पर BNS और यूपी फायर सर्विस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये देने का ऐलान किया है। घायलों का इलाज KGMU अस्पताल में चल रहा है।