Lucknow अग्निकांड में 15 की मौत, शादी से पहले कपल ने गंवाई जान; LDA ने 23 अधिकारियों पर की कार्रवाई

Lucknow: अलीगंज इलाके की एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली। इस हादसे में ज्यादातर 20 से 24 साल के युवा और छात्र मारे गए हैं। घटना इतनी भयानक थी कि इसमें एक ऐसा कपल भी शामिल था जिनकी

Lucknow: अलीगंज इलाके की एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली। इस हादसे में ज्यादातर 20 से 24 साल के युवा और छात्र मारे गए हैं। घटना इतनी भयानक थी कि इसमें एक ऐसा कपल भी शामिल था जिनकी जल्द ही शादी होने वाली थी, लेकिन आग ने उनके सारे सपने खत्म कर दिए।

मृतकों में 27 साल के नीलेश कुमार और 30 साल की अनामिका सामंत शामिल हैं। दोनों उसी एनिमेशन सेंटर में काम करते थे जहां यह हादसा हुआ। नीलेश लखनऊ के रहने वाले थे और अनामिका पश्चिम बंगाल से थीं। दोनों के परिवार इस रिश्ते के लिए मान चुके थे और दिसंबर में शादी तय हुई थी। अनामिका के माता-पिता पिछले हफ्ते ही लखनऊ आए थे। नीलेश के परिवार ने अगले हफ्ते पश्चिम बंगाल जाने के लिए ट्रेन टिकट भी बुक कर लिए थे। इस हादसे में अनामिका की चचेरी बहन सोमिलिया की भी मौत हो गई, वह भी वहीं काम करती थीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए एक SIT का गठन किया है, जिसमें आईएएस अमृत अभिजात और एडीजी प्रवीण कुमार शामिल हैं। SIT को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी।

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इस मामले में बड़ी लापरवाही पकड़ी है। जिस इमारत में आग लगी, वह आवासीय प्लॉट पर व्यावसायिक काम के लिए बनाई गई थी। LDA ने 23 जोनल अधिकारियों और इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। साथ ही, उस इमारत को गिराने का नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने शहर में ऐसे 1,000 अन्य अवैध व्यावसायिक केंद्रों को भी नोटिस भेजा है जो आवासीय इलाकों में चल रहे हैं।

पुलिस ने अब तक छह FIR दर्ज की हैं और इमारत के मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में चार सरकारी अधिकारियों को निलंबित किया गया है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि दी है। इस हादसे के बाद उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कोचिंग सेंटरों और अवैध भवनों की जांच का बड़ा अभियान शुरू हो गया है, जिसके तहत प्रयागराज और कानपुर में कई संस्थान सील किए गए हैं।