Lucknow में आग से 15 युवाओं की मौत, LDA ने जारी किया बुलडोजर का नोटिस, 4 गिरफ्तार
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने 15 युवाओं की जान ले ली। मरने वालों में ज्यादातर छात्र थे जिनकी मौत दम घुटने और जलने की वजह से हुई। इस हादसे ने कई परिवारों को पूरी तरह तोड़ दिय
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने 15 युवाओं की जान ले ली। मरने वालों में ज्यादातर छात्र थे जिनकी मौत दम घुटने और जलने की वजह से हुई। इस हादसे ने कई परिवारों को पूरी तरह तोड़ दिया है, वहीं प्रशासन ने अब इस मामले में सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
जांच में सामने आया कि जिस तीन मंजिला इमारत में यह हादसा हुआ, वह असल में रहने के लिए बनी थी लेकिन वहां अवैध तरीके से कोचिंग सेंटर, गेमिंग जोन, पेट शॉप और आईटी ऑफिस चलाए जा रहे थे। बिल्डिंग में न तो आग से बचने के पुख्ता इंतजाम थे और न ही बाहर निकलने के लिए कोई इमरजेंसी गेट था। सिर्फ एक ही रास्ता होने की वजह से लोग अंदर फंस गए और बाहर नहीं निकल पाए। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने अब इस इमारत के मालिक को नोटिस भेजकर इसे गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस मामले में पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, गेमिंग इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर तुषांक कृष्ण जायसवाल, आईटी प्रोफेशनल सुरेश कुमार साहू और पेट शॉप मालिक राम कृष्ण उपाध्याय शामिल हैं। इसके अलावा, बिजली के ओवरलोड होने की भी आशंका है क्योंकि स्वीकृत 20 किलोवाट के मुकाबले वहां करीब 40 किलोवाट लोड चल रहा था।
| सहायता राशि (मृतक परिवार) | सहायता राशि (घायल) | घोषणा करने वाली अथॉरिटी |
|---|---|---|
| ₹2 लाख | ₹50,000 | प्रधानमंत्री राहत कोष (PMNRF) |
| ₹5 लाख | ₹50,000 | उत्तर प्रदेश सरकार |
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले LDA, फायर डिपार्टमेंट और बिजली विभाग के चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। मामले की गहराई से जांच के लिए एक SIT का गठन किया गया है, जिसे सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। वहीं, KGMU अस्पताल से ज्यादातर घायलों को छुट्टी दे दी गई है, जबकि एक मरीज अभी भी ICU में स्थिर हालत में है।