Lucknow के अलीगंज अग्निकांड में SIT का बड़ा खुलासा, फायर एग्जिट की जगह लगाई थी लिफ्ट, 15 छात्रों की गई जान

UP/Lucknow: अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड की SIT जांच में बहुत ही चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। जांच में पता चला है कि जिस इमारत में आग लगी थी, वहां नियमों को ताक पर रखकर फायर एग्जिट की जगह लिफ्ट लगा दी गई थी। इसी

UP/Lucknow: अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड की SIT जांच में बहुत ही चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। जांच में पता चला है कि जिस इमारत में आग लगी थी, वहां नियमों को ताक पर रखकर फायर एग्जिट की जगह लिफ्ट लगा दी गई थी। इसी वजह से 15 छात्रों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला और उनकी जान चली गई।

SIT की जांच के मुताबिक, इस इमारत में बिजली के नियमों का भी बड़ा उल्लंघन हुआ था। यहां 20 किलोवाट का स्वीकृत कनेक्शन था, लेकिन असल में 35 किलोवाट से ज्यादा बिजली इस्तेमाल हो रही थी। इस ओवरलोड की वजह से आग और ज्यादा भड़क गई। यह पूरी इमारत आवासीय उपयोग के लिए बनी थी, लेकिन यहां गेमिंग जोन, कोचिंग सेंटर और क्लिनिक जैसी व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं।

मुख्य उल्लंघन विवरण
फायर सेफ्टी फायर एग्जिट की जगह नियम विरुद्ध लिफ्ट लगाई गई थी
बिजली कनेक्शन 20 किलोवाट की जगह 35 किलोवाट से अधिक लोड था
इमारत का उपयोग आवासीय भवन को व्यावसायिक (कोचिंग, गेमिंग जोन) बनाया गया
निर्माण नियम मानचित्र का उल्लंघन कर अतिरिक्त मंजिल बनाई गई
NOC स्थिति बिजली सुरक्षा एनओसी नहीं ली गई और न ही रिन्यू कराई गई
LDA कार्रवाई भवन मालिक पर 92 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने भवन मालिक को 7 जुलाई, 2026 तक ध्वस्तिकरण नोटिस का जवाब देने को कहा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर इमारत को गिरा दिया जाएगा। इस मामले में भवन मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और अन्य संचालकों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही बिजली, अग्निशमन और LDA के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। LDA ने उन 18 इंजीनियरों की लिस्ट भी शासन को सौंपी है जिन्होंने इस अवैध निर्माण को नजरअंदाज किया था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को एक सबक बताया है और पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी ऑडिट चलाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत अब तक 100 से ज्यादा संस्थानों को सील किया गया है। मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि बेसमेंट में कोचिंग या किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी ताकि ऐसी दुर्घटना दोबारा न हो।