Lucknow अग्निकांड: SIT जांच पूरी, मंगलवार को शासन को सौंपी जाएगी रिपोर्ट, कई अधिकारियों पर गिरेगी गाज
Lucknow: अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड की जांच अब अपने आखिरी दौर में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बनी दो सदस्यीय SIT मंगलवार, 2 जुलाई, 2026 को अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप देगी। इस जांच में कई विभागों के अधि
Lucknow: अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड की जांच अब अपने आखिरी दौर में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बनी दो सदस्यीय SIT मंगलवार, 2 जुलाई, 2026 को अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप देगी। इस जांच में कई विभागों के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है, जिसके चलते उन पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, हालांकि दमकल विभाग को क्लीन चिट दे दी गई है।
SIT में अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और एडीजी प्रवीण कुमार शामिल हैं। जांच के दौरान यह पाया गया कि जिस इमारत में आग लगी थी, उसे 2016 में ही अवैध घोषित कर दिया गया था और उसे ढहाने का आदेश भी आया था, लेकिन दो महीने बाद ही उस आदेश को वापस ले लिया गया। बिल्डिंग के नक्शे में भारी गड़बड़ी थी, रास्ता बहुत संकरा था और वहां आग बुझाने का कोई इंतजाम नहीं था। इतना ही नहीं, बिजली कनेक्शन के लिए जमा किया गया विद्युत सुरक्षा निदेशालय का एनओसी भी फर्जी पाया गया है।
इस मामले में LDA की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अब तक 50 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी जांच के घेरे में हैं। 28 जून को सहायक अभियंता संजय शुक्ला, अधीक्षण अभियंता आनंद मिश्रा, अधिशासी अभियंता शिवेंद्र शुक्ला, अवर अभियंता हेमंत कुमार और सुपरवाइजर हरपाल को निलंबित किया गया। इससे पहले भी दो इंजीनियर निलंबित हो चुके हैं। LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने 6 पीसीएस अधिकारियों समेत 19 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश शासन को भेजी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी 15 लोगों की मौत आग की लपटों से नहीं, बल्कि धुएं के कारण दम घुटने से हुई थी। प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शहर के 71 अवैध प्रतिष्ठानों को सील कर दिया है और 83 मालिकों को नोटिस भेजा है। बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया है और जेल में ही उन्हें इमारत ढहाने का नोटिस दिया गया है।