Lucknow अग्निकांड: SIT खंगालेगी 100 से ज्यादा PCS अफसरों की संपत्ति, 30 अधिकारियों को माना जिम्मेदार

UP/Lucknow: अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड की जांच अब और सख्त हो गई है। विशेष जांच दल (SIT) ने अब उन पीसीएस अधिकारियों के निशाने पर लिया है जो पिछले दस सालों से लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में तैनात रहे। जांच टीम अब 2016 स

UP/Lucknow: अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड की जांच अब और सख्त हो गई है। विशेष जांच दल (SIT) ने अब उन पीसीएस अधिकारियों के निशाने पर लिया है जो पिछले दस सालों से लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में तैनात रहे। जांच टीम अब 2016 से 2026 के बीच तैनात रहे 100 से ज्यादा अधिकारियों की संपत्तियों की पड़ताल करेगी ताकि भ्रष्टाचार के किसी भी कनेक्शन का पता लगाया जा सके।

इस अग्निकांड में 15 लोगों की जान गई थी, जिनकी मौत पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक धुएं की वजह से दम घुटने से हुई थी। SIT ने अपनी जांच में अब तक 30 अधिकारियों को इस हादसे के लिए जिम्मेदार माना है। इससे पहले LDA ने भी अपनी आंतरिक जांच के बाद 19 इंजीनियरों और 6 पीसीएस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश राज्य सरकार से की थी।

जांच में सामने आया कि जिस तीन मंजिला इमारत में आग लगी, वह रिहायशी इलाके में होने के बावजूद कमर्शियल काम के लिए इस्तेमाल हो रही थी। वहां न तो कोई इमरजेंसी एग्जिट था और न ही धुएं को बाहर निकालने का कोई इंतजाम। हैरानी की बात यह है कि 2016 में इस इमारत को गिराने का आदेश जारी हुआ था, लेकिन बाद में बिल्डर की अर्जी पर उसे रद्द कर दिया गया। साथ ही, कमर्शियल बिजली कनेक्शन लेने के लिए एक फर्जी फायर एनओसी का इस्तेमाल किया गया था।

विवरण जानकारी
जांच का समय 2016 से 2026 तक
जांच के दायरे में अधिकारी 100 से अधिक PCS अधिकारी
जिम्मेदार ठहराए गए अधिकारी 30 अधिकारी
LDA की सिफारिश 25 अधिकारियों पर कार्रवाई
हटाए गए सुपरवाइजर 7 जोन के 25 सुपरवाइजर
गिरफ्तार लोग इमारत मालिक समेत 4 लोग

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग और LDA के चार अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया है। SIT के सदस्य और ADG प्रवीण कुमार ने बताया कि सभी विभागों की भूमिका की समीक्षा की जा रही है। पुलिस मुख्य आरोपी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला की संपत्तियों की भी जांच कर रही है, जिसमें लखनऊ और सीतापुर में करोड़ों की बेनामी संपत्तियों का पता चला है। अब शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया गया है और बिल्डिंग प्लान के लिए फायर सेफ्टी एफिडेविट अनिवार्य कर दिया गया है।