Lucknow अग्निकांड: SIT जांच में LDA और बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने, 30 अधिकारियों पर गिरेगी गाज

Lucknow: अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड ने 15 लोगों की जान ले ली थी, जिसकी जांच कर रही SIT ने अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही पकड़ी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बनी इस टीम ने

Lucknow: अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड ने 15 लोगों की जान ले ली थी, जिसकी जांच कर रही SIT ने अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही पकड़ी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बनी इस टीम ने पाया कि नियमों को ताक पर रखकर इस इमारत को चलाया जा रहा था। फिलहाल टीम फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद अंतिम रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

SIT की पड़ताल में पता चला कि LDA के अधिकारियों ने 2016 में इस इमारत को गिराने का आदेश दिया था, लेकिन बिना किसी जमीनी जांच के उस आदेश को वापस ले लिया गया। LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस बात को स्वीकार किया है। इस लापरवाही के चलते 5 पीसीएस अधिकारियों और 19 इंजीनियरों समेत कुल 30 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

बिजली विभाग की भूमिका भी इस हादसे में संदिग्ध मिली है। जांच में सामने आया कि कमर्शियल बिजली कनेक्शन लेने के लिए एक फर्जी NOC का इस्तेमाल किया गया था और बिल्डिंग का कोई विद्युत सुरक्षा ऑडिट भी नहीं कराया गया था। इस मामले में एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है।

हादसे के कारणों और जिम्मेदारियों को समझने के लिए SIT ने 27 जून को LDA और बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की। इसमें बिल्डिंग के नक्शे, बिजली लोड और निगरानी से जुड़े सवालों पर चर्चा हुई। फोरेंसिक टीम ने मौके से जले हुए तार और मलबा इकट्ठा किया है और उनके बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं।

जांच में यह बात भी साफ हुई कि बिल्डिंग में आग से बचने का कोई इंतजाम नहीं था। धुएं की निकासी और इमरजेंसी एग्जिट न होने की वजह से लोग बाहर नहीं निकल पाए और बिल्डिंग में केवल एक ही रास्ता था। 2014 में यह नक्शा आवासीय (Residential) तौर पर पास हुआ था, लेकिन यहां व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं। इस मामले में मकान मालिक वीरेंद्र शुक्ला, रामकृष्ण उपाध्याय, तुषार कृष्ण जायसवाल और सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया जा चुका है।