Lucknow अग्निकांड: 10 साल पहले गिराने का नोटिस था फिर LDA ने क्यों पलटा आदेश, 4 अधिकारी निलंबित

Lucknow: अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड ने अब प्रशासनिक लापरवाही के बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर 20 से 24 साल के युवा थे जो एक एनिमेशन सेंटर में पढ़ रहे थे। अब जांच में य

Lucknow: अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड ने अब प्रशासनिक लापरवाही के बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर 20 से 24 साल के युवा थे जो एक एनिमेशन सेंटर में पढ़ रहे थे। अब जांच में यह बात सामने आई है कि जिस इमारत में आग लगी, उसे साल 2016 में ही गिराने का आदेश दिया गया था, लेकिन बाद में उसे चुपचाप रद्द कर दिया गया।

दस्तावेजों के मुताबिक, इस इमारत के लिए 20 अगस्त 2014 को आवासीय निर्माण की मंजूरी मिली थी। लेकिन जब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को पता चला कि यहाँ अनधिकृत निर्माण हुआ है, तो 10 मई 2016 को इसे गिराने का आदेश जारी किया गया। हैरान करने वाली बात यह है कि सिर्फ दो महीने बाद 5 जुलाई 2016 को इस आदेश को निरस्त कर दिया गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में इस आदेश को बदला गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस मामले में कड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। लापरवाही बरतने के आरोप में LDA के सहायक अभियंता (AE) अनिल कुमार और जूनियर इंजीनियर (JE) प्रमोद पांडे के साथ-साथ FSSO कमलेन्द्र कुमार सिंह और गौरव कुमार को तुरंत निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, इमारत के मालिकों सहित चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में राम कृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और तुषार कृष्ण जायसवाल शामिल हैं।

इस पूरी त्रासदी की गहराई से जांच के लिए अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम बनाई गई है। इस टीम में LDA के मुख्य अभियंता मानवेंद्र सिंह और विद्युत विभाग के मनोज सागर जैसे बड़े अधिकारी शामिल हैं। शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई है कि आवासीय नक्शे वाली जगह पर अवैध रूप से कमर्शियल काम चलाने के लिए 16 LDA अधिकारी जिम्मेदार थे, क्योंकि नोटिस के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया गया।

मुख्य विवरण जानकारी
घटना की तारीख 22 जून 2026 (सोमवार)
कुल मौतें 15 (ज्यादातर युवा छात्र)
ध्वस्तीकरण आदेश 10 मई 2016
आदेश रद्द होने की तारीख 5 जुलाई 2016
निलंबित अधिकारी 4 (LDA और अन्य विभाग)
गिरफ्तार लोग 4 (इमारत मालिक समेत)