Lucknow के अलीगंज अग्निकांड की जांच शुरू, SIT और FSL ने जुटाए सबूत, 4 गिरफ्तार और 4 अधिकारी सस्पेंड

Lucknow: अलीगंज के सेक्टर डी में एक कमर्शियल बिल्डिंग में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन अब एक्शन मोड में है। सोमवार, 22 जून 2026 को हुई इस आग ने भारी तबाही मचाई थी, जिसके बाद मंगलवार सुबह SIT और FSL की टीमों ने मौके

Lucknow: अलीगंज के सेक्टर डी में एक कमर्शियल बिल्डिंग में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन अब एक्शन मोड में है। सोमवार, 22 जून 2026 को हुई इस आग ने भारी तबाही मचाई थी, जिसके बाद मंगलवार सुबह SIT और FSL की टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पूरी बिल्डिंग को सील कर दिया गया है ताकि सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और खुद घटना स्थल का दौरा कर घायलों से मुलाकात की। शासन ने इस मामले की जांच के लिए एक Special Investigation Team (SIT) का गठन किया है, जिसे सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। इस टीम में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अमृत अभिजात और ADG प्रवीण कुमार शामिल हैं। ADG प्रवीण कुमार ने बताया कि मौके की बारीकी से जांच की गई है और विभागीय लापरवाही के सभी पहलुओं को देखा जाएगा।

FSL डायरेक्टर आदर्श कुमार और उनकी टीम ने मलबे, जले हुए बिजली के तारों और उपकरणों के नमूने इकट्ठे किए हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आग किसी AC ब्लास्ट या शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है। जांच में यह भी पता चला कि बिल्डिंग में आग से बचने के जरूरी इंतजाम नहीं थे, इमरजेंसी एग्जिट की कमी थी और बिना NOC के कमर्शियल काम चलाया जा रहा था।

इस हादसे में अब तक 18 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें ज्यादातर 20 से 24 साल के युवा थे। पेट शॉप में मौजूद करीब 25-30 जानवरों की भी मौत हो गई, हालांकि NGO की मदद से 10 बिल्लियों को बचा लिया गया। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पेट शॉप मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, एनिमेशन सेंटर ऑपरेटर तुषंक कृष्ण जायसवाल और स्टूडियो ऑपरेटर सुरेश कुमार साहू शामिल हैं।

लापरवाही बरतने के आरोप में शासन ने चार अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड होने वालों में बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता गौरव कुमार, फायर विभाग के कमलेश कुमार सिंह, और LDA के असिस्टेंट इंजीनियर अनिल कुमार व जूनियर इंजीनियर प्रमोद पांडे शामिल हैं। अलीगंज थाने में BNS और यूपी फायर सर्विस एक्ट की धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। साथ ही LDA ने भी इस पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बना दी है।