Lucknow में कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद फायरमैन का बड़ा दावा, कहा- मेरा एनकाउंटर भी करवा सकते हैं
Lucknow: अलीगंज के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की मौत के बाद अब विभाग के अंदर की बातें सामने आने लगी हैं। इस हादसे के बाद जहां एक तरफ सरकार ने कई अधिकारियों पर गाज गिराई है, वहीं एक फायरमैन के वायरल वी
Lucknow: अलीगंज के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की मौत के बाद अब विभाग के अंदर की बातें सामने आने लगी हैं। इस हादसे के बाद जहां एक तरफ सरकार ने कई अधिकारियों पर गाज गिराई है, वहीं एक फायरमैन के वायरल वीडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। फायरमैन का कहना है कि बड़े अधिकारी अपनी गलती छुपाने के लिए छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बना रहे हैं।
यह हादसा 22 जून 2026 को अलीगंज के पुरानिया इलाके में हुआ था। यहां एक तीन मंजिला इमारत में एनिमेशन कोचिंग सेंटर, गेम ज़ोन और शोरूम थे। आग इतनी भयानक थी कि 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर 16 से 25 साल के छात्र थे। दम घुटने की वजह से इन छात्रों की मौत हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में तुरंत दो सदस्यीय SIT का गठन किया था, जिसे सात दिन में रिपोर्ट देनी है।
जांच में यह बात सामने आई कि जिस इमारत में आग लगी, उसका बिजली कनेक्शन लेने के लिए दिया गया NOC फर्जी था। 2016 में इसी फर्जी कागज़ के दम पर घरेलू कनेक्शन को कमर्शियल कराया गया था। हैरान करने वाली बात यह है कि 2016 में ही इस अवैध निर्माण को गिराने का आदेश हुआ था, लेकिन दो महीने के अंदर ही उस आदेश को रद्द कर दिया गया।
इस मामले में अब फायरमैन जितेंद्र राठौड़ का वीडियो वायरल हुआ है। उन्होंने सीधे तौर पर लखनऊ के मुख्य अग्निशमन अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया है। जितेंद्र का दावा है कि उन्होंने पहले भी इस भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। उन्होंने वीडियो में कहा कि सच बोलने की वजह से उन्हें धमकी भरे फोन और मैसेज आ रहे हैं और अब उनका पता निकाला जा रहा है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि सच बोलने के बदले उनका एनकाउंटर भी करवाया जा सकता है।
सरकार ने इस हादसे के बाद सख्त कदम उठाए हैं। अब यूपी के सभी आवासीय और व्यावसायिक भवनों के नक्शे पास कराने के लिए फायर सेफ्टी का नोटरी शपथ पत्र देना जरूरी होगा। बिना NOC के लाइसेंस नहीं मिलेगा और बेसमेंट में कारोबार पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
| कार्रवाई का विवरण | संख्या/नाम |
|---|---|
| मृतकों की संख्या | 15 |
| निलंबित अधिकारी | 4 (गौरव कुमार, कमलेंद्र कुमार सिंह, अनिल कुमार, प्रमोद पांडे) |
| गिरफ्तार व्यक्ति | 4 (रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तुषक कृष्ण जायसवाल समेत) |
| LDA द्वारा सील प्रतिष्ठान | 71 |
| नोटिस जारी भवन मालिक | 83 |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50,000 रुपये की मदद दी है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिवार को 5 लाख और घायलों को 50,000 रुपये देने का ऐलान किया है। फिलहाल SIT जिला प्रशासन और बिजली विभाग के रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि पता चल सके कि पिछले 10 साल में इस बिल्डिंग को किन नियमों के आधार पर चलने की अनुमति मिली थी।