Lucknow: अलीगंज अग्निकांड वाली बिल्डिंग को खुद गिराने की मांग, मालिक ने LDA से मांगी सील खोलने की अनुमति
Lucknow: राजधानी के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब उस विवादित इमारत को लेकर नया मोड़ आया है। जिस बिल्डिंग में आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई थी, उसके मालिक ने अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से सील खोलने की गुह
Lucknow: राजधानी के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब उस विवादित इमारत को लेकर नया मोड़ आया है। जिस बिल्डिंग में आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई थी, उसके मालिक ने अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से सील खोलने की गुहार लगाई है। भवन मालिक का कहना है कि वह खुद ही अवैध निर्माण को ध्वस्त कर देगा।
जानकारी के मुताबिक, भवन मालिक की ओर से उनके वकील ने LDA के विहित प्राधिकारी को एक आवेदन दिया है। इस आवेदन में मांग की गई है कि इमारत की सील खोल दी जाए ताकि मालिक स्वयं अवैध निर्माण को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर सके। हालांकि, 16 जुलाई 2026 तक LDA ने इस मांग पर कोई फैसला नहीं लिया है।
बता दें कि 22 जून 2026 को हुए इस हादसे में 15 लोगों की मौत हुई थी। जांच में पाया गया कि बिल्डिंग का निर्माण रिहायशी नक्शे के खिलाफ हुआ था और बिना फायर सेफ्टी इंतजामों के इसका इस्तेमाल कमर्शियल काम के लिए किया जा रहा था। इसी वजह से 10 जुलाई 2026 को LDA कोर्ट ने अवैध निर्माण को गिराने का आदेश दिया था और मालिक को 15 दिन का समय दिया था।
नियमों के अनुसार, अगर मालिक तय समय के भीतर खुद बिल्डिंग नहीं गिराता है, तो LDA इसे ध्वस्त करेगा और इसका पूरा खर्च मालिक से वसूला जाएगा। अगर मालिक ने सहयोग नहीं किया, तो 25 जुलाई 2026 के आसपास LDA की टीम कार्रवाई कर सकती है।
इस मामले में SIT की रिपोर्ट भी तैयार हो चुकी है, जिसमें 2016 से 2024 के बीच जोन 4 और 5 में तैनात 6 IAS, 7 PCS अधिकारियों और करीब 100 इंजीनियरों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि इनकी लापरवाही की वजह से ही अवैध निर्माण और व्यावसायिक इस्तेमाल की अनुमति मिली। गौरतलब है कि इसी प्रॉपर्टी के लिए 2016 में भी ध्वस्तीकरण का आदेश आया था, जिसे दो महीने में ही वापस ले लिया गया था।
अब इस हादसे के बाद LDA ने नई पॉलिसी लागू की है, जिसके तहत सील बंद इमारतों को दोबारा खोलने के लिए मालिकों को फायर सेफ्टी नियमों के पालन का हलफनामा (Affidavit) देना होगा।