Lucknow के अलीगंज अग्निकांड वाली बिल्डिंग पर चला हथौड़ा, LDA की निगरानी में शुरू हुआ ध्वस्तीकरण
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब उस विवादित बिल्डिंग को गिराने का काम शुरू हो गया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान गई थी, जिनमें ज्यादातर छात्र थे। बिल्डिंग मालिक ने खुद ध्वस्तीकरण की प्र
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब उस विवादित बिल्डिंग को गिराने का काम शुरू हो गया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान गई थी, जिनमें ज्यादातर छात्र थे। बिल्डिंग मालिक ने खुद ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कराई है, लेकिन पूरी कार्रवाई Lucknow Development Authority (LDA) की कड़ी निगरानी में हो रही है।
घटनाक्रम के मुताबिक, 22 जून 2026 को इस बिल्डिंग में आग लगी थी। इसके बाद LDA ने 23 जून को ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया और 24 जून को बिल्डिंग पर नोटिस चस्पा कर दिया गया था। 10 जुलाई को सक्षम प्राधिकारी न्यायालय ने आदेश दिया कि मालिक खुद 15 दिनों के भीतर अवैध निर्माण को हटा ले। इसी आदेश के बाद 20 जुलाई को मालिक की टीम ने बिल्डिंग को गिराना शुरू किया।
LDA उपाध्यक्ष Prathamesh Kumar ने साफ किया है कि इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने बताया कि बिल्डिंग का पूरा अवैध हिस्सा गिराना होगा। अगर मालिक तय समय में काम पूरा नहीं करता है, तो 25 जुलाई को LDA खुद बुलडोजर चलाकर बिल्डिंग गिराएगा और इसका पूरा खर्च मालिक से वसूला जाएगा। फिलहाल छत की स्लैब तोड़ने के लिए ड्रिलिंग का काम चल रहा है और सुरक्षा के लिए बिल्डिंग को हरे पर्दों से ढका गया है।
जांच में सामने आया कि यह बिल्डिंग रिहायशी इस्तेमाल के लिए पास हुई थी, लेकिन यहां कमर्शियल गतिविधियां चल रही थीं, जो नियमों का उल्लंघन था। साल 2016 में भी इसे गिराने का आदेश आया था, लेकिन मालिक Virendra Shukla ने हलफनामा देकर इसे रुकवा लिया था। फिलहाल Virendra Shukla जेल में हैं और उन्हें इस ध्वस्तीकरण पर कोई स्टे नहीं मिला है।
इस पूरे मामले की जांच के लिए एक SIT बनाई गई है, जिसमें ADG Praveen Kumar शामिल हैं। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी ऑडिट के निर्देश दिए हैं और बेसमेंट में कोचिंग सेंटर या नर्सिंग होम चलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। बिल्डिंग में दुकान चलाने वाले लोग अब अपना सामान बाहर निकाल रहे हैं।