Lucknow अग्निकांड: 15 बच्चों की मौत के बाद एक्शन में योगी सरकार, बेसमेंट में कोचिंग सेंटर चलाने पर लगी रोक
Lucknow: अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 15 बच्चों की जान चली गई, जिसके बाद अब प्रशासन और सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए
Lucknow: अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 15 बच्चों की जान चली गई, जिसके बाद अब प्रशासन और सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी इमारत के बेसमेंट में कोचिंग सेंटर या कोई भी व्यापारिक काम नहीं होगा।
घटना के बाद की जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों की मौत आग की लपटों से नहीं, बल्कि धुएं के कारण दम घुटने से हुई। फायर ब्रिगेड की जांच में पता चला कि बच्चे दूसरी मंजिल पर एक तरह के ‘डेथ ट्रैप’ में फंस गए थे। नीचे आग थी और तीसरी मंजिल का दरवाजा बंद था, वहीं दूसरी मंजिल का बायोमेट्रिक लॉक बिजली कटने की वजह से जाम हो गया था, जिससे बच्चे बाहर नहीं निकल पाए।
प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए LDA के छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और 18 अन्य अभियंताओं के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। बिजली विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर गौरव कुमार और फायर विभाग के FSSO कमलेंद्र कुमार सिंह को भी सस्पेंड किया गया है। पुलिस ने बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है। 24 जून को जब LDA, फायर और बिजली विभाग की टीमें बेसमेंट दुकानों की जांच करने पहुंचीं, तो कैमरे पर अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते नजर आए। वहीं, निलंबित FSSO कमलेंद्र कुमार सिंह ने पहले CFO को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन बाद में माफी मांगते हुए अपने बयान को भ्रमित बताया।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मृतकों की संख्या | 15 बच्चे |
| मौत का कारण | धुएं से दम घुटना (एस्फिक्सिया) |
| बिल्डिंग की स्थिति | 7 जुलाई 2026 को गिराई जाएगी |
| नया नियम | बेसमेंट में कोचिंग/व्यापार पर पूर्ण रोक |
| कार्रवाई | LDA के 6 निलंबित, 18 पर संस्तुति |
| गिरफ्तारी | बिल्डिंग मालिक समेत 4 आरोपी गिरफ्तार |
अब लखनऊ में अवैध व्यावसायिक भवनों को सील करने का बड़ा अभियान शुरू हो गया है। अब तक 12 कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी सील किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि सभी कोचिंग संस्थानों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा और फायर विभाग की NOC परिसर में साफ दिखनी चाहिए। आवासीय भवनों में कमर्शियल काम करने वालों पर भी सख्ती बरती जाएगी।