Lucknow अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई, 6 PCS अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
Lucknow: राजधानी के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बुधवार को छह पीसीएस (PCS) अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की सिफारि
Lucknow: राजधानी के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बुधवार को छह पीसीएस (PCS) अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है। इन अधिकारियों के नाम शासन को भेज दिए गए हैं, जिन पर इस हादसे के लिए लापरवाही का आरोप है।
यह पूरी घटना 22 जून 2026 को हुई थी, जिसमें भीषण आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना के तुरंत बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (SIT) गठित करने के निर्देश दिए थे। एलडीए की आंतरिक जांच में यह बात सामने आई कि जिस इमारत में आग लगी, उसका नक्शा सिर्फ रहने (आवासीय) के लिए पास हुआ था, लेकिन वहां सालों से कमर्शियल काम चल रहा था।
जांच में यह भी पता चला कि 2016 में इस अवैध निर्माण को गिराने का आदेश दिया गया था, लेकिन बाद में उसे रद्द कर दिया गया। एलडीए वीसी ने इस बात पर सवाल उठाया है कि आदेश रद्द करने के बाद इमारत की दोबारा जांच क्यों नहीं की गई। इमारत में न तो फायर एनओसी थी, न ही आग बुझाने का कोई सिस्टम या बाहर निकलने का आपातकालीन रास्ता था।
इस मामले में अब तक की कार्रवाई की जानकारी नीचे दी गई है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| दोषी पाए गए अधिकारी | 6 PCS अधिकारी और 12-13 अन्य इंजीनियर/अधिकारी |
| गिरफ्तार व्यक्ति | रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तुषांत कृष्णा जायसवाल और सुरेश कुमार साहू |
| निलंबित अधिकारी | XEN गौरव कुमार, FSSO कमलेंद्र कुमार सिंह, AE अनिल कुमार और JE प्रमोद पांडे |
| SIT का नेतृत्व | एसीएस अमृत अभिजात और एडीजी प्रवीण कुमार |
| कुल मौतें | 15 लोग |
| मुख्य लापरवाही | अवैध व्यावसायिक उपयोग और फायर सेफ्टी मानकों का अभाव |
मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि फायर सेफ्टी के साथ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि 15 दिनों के भीतर सभी सार्वजनिक इमारतों का फायर ऑडिट कराकर रिपोर्ट सौंपी जाए। फिलहाल पूरे प्रदेश में कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक बिल्डिंग्स की जांच का अभियान चल रहा है और नियमों का पालन न करने वाली इमारतों को सील किया जा रहा है।